{"_id":"5f74d7fb8ebc3e9bad320ddb","slug":"fake-paddy-purchase-will-not-be-done-this-time-khatouni-will-be-started-haldwani-news-hld3988484153","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस बार नहीं हो पाएगी फर्जी धान खरीद, लगेगी खतौनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस बार नहीं हो पाएगी फर्जी धान खरीद, लगेगी खतौनी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। कमीशन एजेंट इस बार किसानों की खतौनी लगाए बिना धान नहीं खरीद पाएंगे। धान खरीद पोर्टल में किसानों की खतौनी को अनिवार्य कर दिया है। खतौनी नहीं लगाने से पोर्टल पर धान खरीद प्रदर्शित नहीं होगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग कमीशन एजेंट से ऐसे धान खरीदेगा।
उत्तराखंड की राइस मिलें करीब 45 प्रतिशत से अधिक धान यूपी के किसानों से खरीदती हैं। साथ ही यूपी के किसी भी व्यक्ति को किसान दर्शा देती थी और उसके खाते में पैसा डालकर बाद में उससे वापस ले लेती थी। इसके एवज में उस व्यक्ति को राइस मिलर्स थोड़ा कमीशन दे देते थे।
इसकी शिकायत मिलने पर इस बार धान खरीद पोर्टल में खतौनी को अनिवार्य कर दिया गया है। अब कमीशन एजेंटों को उत्तराखंड, यूपी या अन्य राज्यों के किसानों से धान खरीद करने पर उनकी खतौनी भी लेनी होगी। इस खतौनी को पोर्टल पर भी डालना होगा। पोर्टल में खतौनी नहीं डालने पर साफ्टवेयर स्वत: ही काम करना बंद कर देगा।
विज्ञापन
धान खरीद पोर्टल में धान खरीदने पर किसान की खतौनी का नंबर डालना होगा। ये कमीशन एजेंटों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। -ललित मोहन रयाल आरएफसी कुमाऊं
विज्ञापन
उत्तराखंड की राइस मिलें करीब 45 प्रतिशत से अधिक धान यूपी के किसानों से खरीदती हैं। साथ ही यूपी के किसी भी व्यक्ति को किसान दर्शा देती थी और उसके खाते में पैसा डालकर बाद में उससे वापस ले लेती थी। इसके एवज में उस व्यक्ति को राइस मिलर्स थोड़ा कमीशन दे देते थे।
विज्ञापन
इसकी शिकायत मिलने पर इस बार धान खरीद पोर्टल में खतौनी को अनिवार्य कर दिया गया है। अब कमीशन एजेंटों को उत्तराखंड, यूपी या अन्य राज्यों के किसानों से धान खरीद करने पर उनकी खतौनी भी लेनी होगी। इस खतौनी को पोर्टल पर भी डालना होगा। पोर्टल में खतौनी नहीं डालने पर साफ्टवेयर स्वत: ही काम करना बंद कर देगा।
विज्ञापन
धान खरीद पोर्टल में धान खरीदने पर किसान की खतौनी का नंबर डालना होगा। ये कमीशन एजेंटों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। -ललित मोहन रयाल आरएफसी कुमाऊं