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Nainital News: पहाड़ में भी बाघों में वर्चस्व की दहाड़

Mon, 27 Jul 2026 12:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Mon, 27 Jul 2026 12:24 AM IST
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Even in the mountains, tigers roar for dominance.
रामनगर। बाघों की बढ़ती संख्या उनकी जान के लिए आफत बन रही है। मैदान से पहाड़ चढ़ने के बाद बाघों को सुरक्षित ठिकाना नहीं मिल रहा। वहां भी वर्चस्व की जंग को लेकर आपसी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। अगर आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में पिछले एक वर्ष में पांच घटनाओं में तीन बाघों की मौत हो चुकी है। इससे बाघों के संरक्षण पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में बीते कुछ सालों में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ा है। कॉर्बेट में वर्चस्व की लड़ाई हारे बाघों ने तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर वन प्रभाग और आसपास के वन क्षेत्रों समेत पहाड़ों का रुख किया। इन बाघों ने तराई और पर्वतीय इलाकों को अपना नया घर बनाया। अब वहां भी बाघों की तेजी से बढ़ती आबादी से तराई से पहाड़ तक आपसी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक एक नर बाघ अपने क्षेत्र पर दूसरे नर बाघ का दखल बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं। जब किसी क्षेत्र में बाघों की संख्या अधिक हो जाती है तो नए और युवा बाघ अपनी अलग टेरिटरी की तलाश में पुराने बाघों के क्षेत्रों में प्रवेश करने लगते हैं। ऐसे में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो जाती है जो कई बार खूनी संघर्ष का रूप ले लेती है। संवाद
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एक साल में आपसी संघर्ष की हुई पांच घटनाएं, तीन बाघों ने गवाई जान
14 जुलाई 2025- तराई पश्चिमी वनप्रभाग के बैलपड़ाव रेंज की गेबुआ बीट में वनकर्मी को एक नर बाघ का शव मिला था। जांच के दौरान बाघ की मौत आपसी संघर्ष से होना पाया गया था।
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15 अप्रैल 2026- तराई पश्चिमी वनप्रभाग की बैलपड़ाव रेंज में वनकर्मियों को घायल अवस्था में एक बाघ मिला था। बाघ के शरीर में दूसरे बाघ के पंजों के निशान मिले थे। वन विभाग की टीम ने बाघ को रेस्क्यू कर उपचार के लिए ढेला रेंज भेजा था।
16 जून 2026 – तराई पश्चिमी वनप्रभाग के फाटो पर्यटन जोन में एक नर बाघ गंभीर रूप से घायल मिला था। शुरुआती जांच में चोटों का कारण दूसरे बाघ से संघर्ष माना गया।
22 जून 2026 – तराई पश्चिमी वनप्रभाग के फाटो जोन में एक और नर बाघ घायल अवस्था में मिला था। चिकित्सकीय जांच में उसके शरीर पर गहरे पंजों और दांतों के घाव पाए गए, जिन्हें आपसी संघर्ष का परिणाम बताया गया।

26 जुलाई 2026- हल्द्वानी वनप्रभाग के छकाता रेंज में आपसी संघर्ष में दो बाघों की एक साथ मौत का मामला सामने आया है।

तराई में बाघों के आपसी संघर्ष की घटनाएं बीते कुछ समय से बढ़ी हैं। शनिवार रात आपसी संघर्ष में दो बाघों की एक साथ मौत का मामला सामने आया है। आपसी संघर्ष में दो बाघों की मौत होना काफी चिंताजनक है। वन्यजीव चिकित्सकों की मौजूदगी में पैनल से दोनों बाघों का पोस्टमार्टम कर शवों को नष्ट कर दिया है।
- डॉ. तेजस्विनी पाटिल, मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं
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