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गजब: चोर नौकरानी के लिए दौड़ती रही पुलिस...खर्च हो गए 15 लाख, दो लाख एसएसपी ने विभागीय फंड से दिए; जानें मामला

Mon, 23 Dec 2024 11:28 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 23 Dec 2024 11:28 AM IST
सार

व्यापारी के यहां हुई चोरी के मामले में 25 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस के 10 पुलिसकर्मी लगातार चोर नौकरानी और उसके साथियों को ढूंढ रहे हैं। घटना के खुलासे में पुलिसकर्मियों के इतने दिन का वेतन जोड़ा जाए तो वह करीब 10 लाख रुपये बैठता है। 

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Even after 25 days the police could not catch the thief maid in haldwani
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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हल्द्वानी शहर की नामी बुकसेलर फर्म पूरन एंड संस के मालिक दीपक अग्रवाल के यहां हुई चोरी के मामले में 25 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस के 10 पुलिसकर्मी लगातार चोर नौकरानी रम्बा और उसके साथियों को ढूंढ रहे हैं। इस घटना के खुलासे में पुलिसकर्मियों के इतने दिन का वेतन जोड़ा जाए तो वह करीब 10 लाख रुपये बैठता है। आधिकारिक तौर पर पांच लाख और खर्च हो चुके हैं।

दीपक अग्रवाल के यहां चोरी की यह वारदात 26 नवंबर की रात हुई थी। लाखों का माल इस घटना में गया था। यह घटना ऑनलाइन तलाश से चार-पांच दिन पहले ही रखी गई नौकरानी रम्बा ने की। नशीला पदार्थ मिला सूप दीपक और उनकी पत्नी को पिलाकर उन्हें बेहोश कर रम्बा ने अपने साथियों की मदद से घटना को अंजाम दिया था। छानबीन में सामने आया कि रम्बा को जिस एजेंसी के माध्यम से ढूंढा गया, वह दिल्ली में है। दूसरा उसके आधार कार्ड में बंगलूरू का पता लिखा था।

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इस बड़ी चोरी के खुलासे में पांच लोगों की टीम तीन बार दिल्ली गई और वहां रूकी। दो लोगों की टीम एक दिन बंगलुरू गई और वहां रूकी। तीन लोगों की टीम बहराइच गई। 22 दिन से 10 पुलिस कर्मियों की टीम नेपाल और आसपास के बार्डर पर डेरा डाले हुए है। उधर नेपाल पुलिस और वहां की एसओजी भी रम्बा को ढूंढने में भारतीय पुलिस की आर्थिक मदद कर रही है। हालांकि रम्बा या उसका कोई साथी पकड़ में नहीं आ सका है।

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एक दरोगा का प्रतिदिन का औसत वेतन 3500 रुपये और एक पुलिस कर्मी का 3000 रुपये बैठता है। इस हिसाब से इतने दिनों का इन पुलिसकर्मियों का वेतन करीब 10 लाख रुपये बना। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने आने-जाने में होने वाले खर्च के लिए पुलिस फंड से दो लाख रुपये दिए। वाहन आदि के अन्य सरकारी खर्चे करीब तीन लाख रुपये के हो चुके हैं। इस हिसाब से यह खर्च 15 लाख रुपये से अधिक हो चुका है। टीम अभी काम कर रही है। जब टीम वापस आएगी, तब तक खर्च और बढ़ जाएगा। दो लाख फंड से देने की बात एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने स्वीकार की।

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