कहासुनी के बाद प्रमुख अधीक्षक ने कर्मी को निलंबित किया
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भवाली (नैनीताल)। रविवार के अवकाश के दिन दफ्तर में बुलाने और दफ्तर न पहुंचने के मुद्दे को लेकर क्षयरोगाश्रम में तैनात एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी और प्रमुख अधीक्षक के बीच जमकर कहासुनी हो गई। प्रमुख अधीक्षक ने राज्य कर्मचारी आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इधर, क्षयरोगाश्रम में स्थित चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर निलंबन आदेश रद्द नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन को मजबूर होगा।
क्षयरोगाश्रम के प्रमुख अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार ढौडियाल ने सभी कर्मचारियों को रविवार को दफ्तर पहुंचने संबंधी मौखिक आदेश दिए थे। बताया जाता है कि कुछ कर्मचारी रविवार को दफ्तर पहुंचे जबकि कुछ कर्मचारी दफ्तर नहीं पहुंचे। सोमवार को प्रमुख अधीक्षक डॉ. ढौडियाल ने चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी लक्ष्मी दत्त पांडे से रविवार को दफ्तर न पहुंचने का कारण जानना चाहा। इसी बात को लेकर चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी और प्रमुख अधीक्षक में कहासुनी हो गई। बाद में प्रमुख अधीक्षक ने उक्त कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इधर, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बहादुर सिंह और मंत्री सोबन सिंह का कहना है कि कर्मचारी के निलंबन संबंधी मुद्दे को लेकर वह प्रमुख अधीक्षक से वार्ता के लिए उनके कक्ष में गए थे। संघ का आरोप है कि इस दौरान प्रमुख अधीक्षक ने वार्ता करने के बजाए उनसे भी दुर्व्यवहार किया। संघ की ओर से प्रमुख अधीक्षक को दिए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 24 घंटे के भीतर उक्त कर्मचारी को बहाल नहीं किया गया तो संघ आंदोलन को मजबूर होगा। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. ढौडियाल ने फोन पर बात करने से साफ इनकार कर दिया। ब्यूरो