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Uttarakhand: नैनीताल जू में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए कवायद, यहां प्रमुख तेंदुए, रेड पांडा हैं
Tue, 14 Jan 2025 11:31 AM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Tue, 14 Jan 2025 11:31 AM IST
सार
जीबी पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान में बीते 4-5 वर्षों से वन्य जीवों की संख्या कम हो रही है। बीते पांच साल में वन्यजीवों की संख्या 231 से 210 पहुंच चुकी है। अब जू प्रबंधन की ओर से नए वन्यजीवों को लाने के लिए कवायद की जा रही है।
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नैनीताल जू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीबी पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान में बीते चार-पांच वर्षों से वन्य जीवों की संख्या कम हो रही है। बीते पांच साल में वन्यजीवों की संख्या 231 से 210 पहुंच चुकी है। वहीं, कई जीव बूढ़े हो चुके हैं। अब जू प्रबंधन की ओर से नए वन्यजीवों को लाने के लिए कवायद की जा रही है। बता दें कि तल्लीताल क्षेत्र में समुद्र तल से 2100 मीटर की ऊंचाई पर जीबी पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान स्थापित है। इसकी स्थापना वर्ष 1995 में 4693 वर्ग मीटर क्षेत्र में की गई थी। यहां प्रमुख वन्यजीव बंगाल टाइगर, हिमालयी काले भालू, तेंदुए, रेड पांडा, सांभर व पक्षियों में प्रमुख सिल्वर फीजेंट, कलीज फीजेंट, चकोर व मोनाल हैं।
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इनको देखने के लिए प्रतिवर्ष दो लाख ज्यादा सैलानी यहां आते हैं, लेकिन बीते चार-पांच वर्षों से चिड़ियाघर में वन्यजीवों के विस्थापन और मौत के चलते वन्यजीवों की संख्या कम हो रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार वर्तमान में जू में वर्तमान में 210 वन्यजीव मौजूद हैं। हालांकि हाल ही में जू में एक मारखोर लाया गया था। वहीं, जू में एक मात्र भेड़िये की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई वन्यजीव बूढ़े हो चुके हैं, जिससे भविष्य में यह संख्या और कम हो सकती है।
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चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने को लेकर कवायद की जा रही है। लगातार अन्य चिड़ियाघरों के साथ पत्राचार कर वन्यजीवों की मांग की जा रही है।
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