{"_id":"61cf5bc8b3f1e30af75a72a1","slug":"eco-tourism-in-sattal-bhimtal-news-hld449502764","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ईको टूरिज्म के रूप में विकसित होगा सातताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ईको टूरिज्म के रूप में विकसित होगा सातताल
विज्ञापन
सातताल में पर्यटन विभाग की ओर से बनाए जा रहे हैं लकड़ी के कॉटेज। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BHIMTAL
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीमताल। देश-विदेश में पर्यटन स्थल के नाम से विख्यात सातताल अब नए साल में ईको टूरिज्म के रूप में भी अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। सातताल में ईको टूरिज्म को विकसित करने के लिए भारत सरकार की ओर से पर्यटन विभाग को 4.7 करोड़ में से 3.95 करोड़ की राशि जारी कर दी गई है।
राशि जारी होने के साथ पर्यटन विभाग ने सातताल में झील किनारे विदेशी लकड़ी के आठ कॉटेज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जो मार्च माह से सैलानियों के दीदार के लिए खोल दिया जाएगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
सैलानियों को आकर्षित करेगा कॉटेज, कैफे और सेल्फी प्वाइंट
सातताल झील किनारे पर्यटन विभाग की ओर से विदेशी लकड़ी के आठ कॉटेज बनाए जा रहे हैं। जिसमें शीशा युक्त कैफे जहां सैलानी चाय, कॉफी, सैंडविच, पिज्जा समेत अन्य व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। साथ ही सैलानियों के लिए सेल्फी प्वाइंट बनाया जाएगा, जहां से सैलानी फोटो खींच झील की सुंदरता को अपने मोबाइल फोन पर कैद कर सकेंगे।
विज्ञापन
वहीं हाईटेक शौचालय के साथ कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था, सीसी रोड का निर्माण और नए रूप में सीढ़ियों को विकसित करेंगे। ताकि सातताल में सैलानियों की आवाजाही से स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
यूपी राज्यकीय निर्माण निगम करा रही काम
सातताल में भारत सरकार से स्वीकृत 3.95 करोड़ की राशि से पर्यटन विभाग ने निर्माण कार्य का जिम्मा यूपी राज्यकीय निर्माण निगम
सातताल को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित कर सैलानियों को आकर्षित किया जाएगा। सैलानियों की आवाजाही से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मार्च से सैलानी यहा का आनंद उठाएंगे। - अरविंद गौड़, जिला पर्यटन अधिकारी
विज्ञापन
राशि जारी होने के साथ पर्यटन विभाग ने सातताल में झील किनारे विदेशी लकड़ी के आठ कॉटेज का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जो मार्च माह से सैलानियों के दीदार के लिए खोल दिया जाएगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
विज्ञापन
सैलानियों को आकर्षित करेगा कॉटेज, कैफे और सेल्फी प्वाइंट
सातताल झील किनारे पर्यटन विभाग की ओर से विदेशी लकड़ी के आठ कॉटेज बनाए जा रहे हैं। जिसमें शीशा युक्त कैफे जहां सैलानी चाय, कॉफी, सैंडविच, पिज्जा समेत अन्य व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। साथ ही सैलानियों के लिए सेल्फी प्वाइंट बनाया जाएगा, जहां से सैलानी फोटो खींच झील की सुंदरता को अपने मोबाइल फोन पर कैद कर सकेंगे।
विज्ञापन
वहीं हाईटेक शौचालय के साथ कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था, सीसी रोड का निर्माण और नए रूप में सीढ़ियों को विकसित करेंगे। ताकि सातताल में सैलानियों की आवाजाही से स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
यूपी राज्यकीय निर्माण निगम करा रही काम
सातताल में भारत सरकार से स्वीकृत 3.95 करोड़ की राशि से पर्यटन विभाग ने निर्माण कार्य का जिम्मा यूपी राज्यकीय निर्माण निगम
सातताल को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित कर सैलानियों को आकर्षित किया जाएगा। सैलानियों की आवाजाही से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। मार्च से सैलानी यहा का आनंद उठाएंगे। - अरविंद गौड़, जिला पर्यटन अधिकारी