राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान और उत्तराखंड प्रशासन अकादमी की ओर से बृहस्पतिवार से प्रशासन अकादमी सभागार में तीन दिनी राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के निदेशक प्रो. संतोष कुमार ने कहा कि उत्तराखंड आपदा के लिहाज से कई मामलों में अन्य राज्यों की तुलना में बेहद संवेदनशील है। ऐसे में जरूरी है कि प्रत्येक निर्माण कार्य भूकंपरोधी हो। इसके लिए संस्थान की ओर से व्यापक दिशा-निर्देश पूर्व में जारी किए जा चुके हैं।
‘आपदा के पश्चात आवश्यकताओं का आकलन और आपदा प्रबंधन’ विषयक कार्यशाला में प्रो. कुमार ने आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों के साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्र में पुनर्निर्माण और पुनर्स्थापना के बारे में बताते हुए इसे सुनियोजित तरीके से करने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुराधा मौर्या ने आपदा के बाद तत्काल किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया। संस्थान के अपर निदेशक नवनीत पांडे ने कार्यशाला के महत्व के बारे में बताया। कार्यशाला में सह संयोजक मंजू पांडे समेत कई विशेषज्ञों ने विचार रखे। इस मौके पर उपनिदेशक रेखा कोहली, पूनम पाठक, वीके सिंह, मनोज पांडे, गीता कांडपाल, मीनू पाठक, मंजू रौतेला, चंचला बिष्ट समेत मिजोरम, हिमाचल और उत्तराखंड के विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग मौजूद थे। संचालन डॉ. ओम प्रकाश ने किया।