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डॉ. महेश कुमार का नहीं लगा पता, गाइड का शव बरामद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 11:57 PM IST
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Dr. Mahesh Kumar's body not found, guide's body recovered
डॉ. महेश कुमार। संवाद
हल्द्वानी/अनंतनाग। कश्मीर के पुलवामा की तरसर झील में गिरे हल्द्वानी के प्रसिद्ध सर्जन व संजीवनी अस्पताल के संचालक डॉ. महेश कुमार का कोई सुराग नहीं लग सका है। गोताखोर टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। डॉ. महेश के साथ झील में गिरे स्थानीय गाइड का शव बृहस्पतिवार को बरामद हो गया है। इधर, डॉ. महेश के बारे में सूचना मिलने पर संजीवनी अस्पताल के कर्मचारियों समेत शहर के डॉक्टर सकते में हैं। उनके परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
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परिजनों और उनके मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आईटीआई रोड स्थित संजीवनी अस्पताल के संचालक डॉ. महेश 18 जून को हल्द्वानी से अपने दो साथियों डॉ. राजेश रोशन और नैनीताल के कीर्ति के साथ 20-22 लोगों के दल में शामिल थे। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह सब ठीक था। काफिला आगे निकला तो रास्ते में एक पहाड़ी नदी थी जिस पर पगडंडी की तरह लकड़ी का पुल बना था। पार करते समय पुल टूट गया। इसमें 14 लोग झील में गिर गए। बचाव दल ने 12 लोगों को झील से निकाल लिया लेकिन डॉ. महेश और गांदरबल निवासी गाइड शकील अहमद झील में गिर गए। बुधवार और बृहस्पतिवार को एनडीआरएफ की टीम लगातार खोज में लगी रही। बृहस्पतिवार को गाइड डॉ. शकील का शव बरामद कर लिया गया जबकि डॉ. महेश का पता नहीं चल सका। इधर घटना की जानकारी मिलते ही उनकी पुत्री मौली और पत्नी डॉ. पूनम भी घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। इधर, घटना के बाद से हल्द्वानी में संजीवनी अस्पताल के कर्मचारी और शहर भर के डॉक्टर सकते में हैं।
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1993 में हल्द्वानी आए थे डॉ. महेश
डॉ. महेश के साथी आईएमए अध्यक्ष व सिटी अस्पताल के डॉ. जेएस भंडारी ने बताया कि 64 वर्षीय डॉ. महेश मूल रूप से मेरठ के बड़ौत के निवासी हैं। वह 1993 में हल्द्वानी आए थे। पहले उन्होंने राजपुरा में किराए के भवन में अस्पताल खोला। उसके बाद आईटीआई रोड पर संजीवनी अस्पताल बनाया। स्टाफ के साथ उनका व्यवहार काफी अच्छा रहा है। सुबह मार्निंग वॉक और शाम को जिम जाना उनका शौक रहा है। वह स्वास्थ्य के प्रति काफी सजग रहते हैं। 18 जून को दो लोगों के साथ ट्रैकिंग पर गए थे। वह हर छह माह ट्रैकिंग पर जाते हैं। गरीबों की मदद और बगैर पैसे के भी गरीबों के ऑपरेशन करने वाले डॉ. महेश डॉक्टरों और साथियों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं।
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