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अल्पसंख्यकों को वोट बैंक न समझें
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:34 AM IST
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अल्पसंख्यकों को वोट बैंक न समझें
- फोटो : अमर उजाला
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बनभूलपुरा संघर्ष समिति की सभा में वक्ताओं के निशाने पर मतीन सिद्दीकी रहे। वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस को 18 वर्षों तक गाली देने वालों ने 21 हजार वोट बताकर कौम की सौदेबाजी की। अल्पसंख्यक किसी की जागीर नहीं हैं और उन्हें वोट बैंक न समझा जाए।
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बनभूलपुरा संघर्ष समिति ने 2012 में वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के किए वादे पूरे न होने के विरोध में शुक्रवार को मोहम्मदी चौक पर सभा की। सभा में नगर पालिका के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जियाउद्दीन कुरैशी ने कहा कि गाजियाबाद और दिल्ली की कंपनियों को ठेके दिए जा रहे हैं। हल्द्वानी के बेरोजगारों से सरकार ने रोजगार छीन लिया है।
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ठेके में शर्तें एवं नियम ऐसे बनाएं जा रहे हैं कि छोटे ठेकेदार काम न कर सकें। कहा कि बिंदुखत्ता और दमुवाढूंगा के लोगों को हक मिल गया मगर आज तक बनभूलपुरा को मालिकाना हक नहीं मिला। एक ही विधानसभा में दो कानून कैसे हो सकते हैं।
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टैक्स देने के बाद भी सीवर लाइन कनेक्शन लेने का अधिकार नहीं है। विरोध करने पर सत्ता के इशारे पर काम कर रहा पुलिस-प्रशासन जेल भेज देगा। कुरैशी ने कहा कि 26 हजार वोटों को सिद्दीकी ने कितने में बेचा इसका खुलासा करना चाहिए।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि हल्द्वानी विधानसभा सीट का निर्णय 40 हजार की आबादी वाला इंदिरा नगर, बनभूलपुरा आदि क्षेत्र करता है। चुनाव से पहले अगर वित्त मंत्री ने वादे पूरे नहीं किए तो परिणाम सामने दिखाई पड़ेगा।
कहा कि रुद्रपुर दंगे के आरोपी भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल पर लगे मुकदमे सरकार ने जनहित का हवाला देते हुए वापस ले लिए। बनभूलपुरा संघर्ष समिति से जुड़े लोगों पर लगाए गए मुकदमे भी जनहित को देखते हुए वापस लिए जाने चाहिए।
आम आदमी पार्टी के रईसुल हसन ने कहा कि हमें मालिकाना हक मिलना चाहिए। कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया है। कहा कि वोट किसी की जागीर नहीं है। 21 हजार वोट दिलाने का ठेका कोई नहीं ले सकता।
सौदेबाजी कर कांग्रेस में गए सिद्दीकी को चुनाव में आइना देखने को मिल जाएगा। कहा कि सिद्दीकी जब सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के नहीं हुए तो और किसी के क्या होंगे। उन्होंने कौम की हित के लिए कोई बात नहीं की और अपना इमान बेच दिया।
समिति के संयोजक उवैस राजा ने कहा कि गफूर बस्ती का पुनर्वास, मालिकाना हक समेत अन्य मांगे पूरी नहीं हुईं तो चुनाव का समिति विरोध करेगी। सभा को सरताज आलम आदि ने संबोधित किया।
सभा का संचालन मो. आदिल मिकरान और शाहिद हुसैन ने किया। इस दौरान आरिश अली, आमिर कुरैशी, अजीम हबीब, फैसल वासी, शफीक मलिक, शादाब आीम, शानू अली, इरशाद अली आदि थे।
उम्मीद के अनुरूप नहीं जुटी भीड़
बनभूलपुरा संघर्ष समिति 2012 चुनाव में किए गए वादे पूरे न होने के विरोध में संघर्ष कर रही है। समिति लगभग एक माह से सभा के लिए तैयारी कर रही थी। मांगों को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया था।
शुक्रवार को मोहम्मदी चौक पर हुई सभा में उम्मीद के अनुरूप भीड़ नहीं दिखी। काफी कुर्सियां खाली पड़ी थी। सभा में लगभग तीन सौ लोग ही जुटे थे।