{"_id":"3f57a852de37413f39b0a8d79470cbe4","slug":"dev-bhoomi-helpful-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसिक रोगी की देखभाल, तलाश कर भाई से मिलवाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसिक रोगी की देखभाल, तलाश कर भाई से मिलवाया
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sun, 24 May 2015 01:46 AM IST
विज्ञापन
देवभूमि के लोगों ने एक बार फिर अपनी सहृदयता और मदद की भावना का उदाहरण पेश किया है। अंबाला का रहने वाला एक युवक जो कि मानसिक रूप से कमजोर है, उसकी देखभाल की। उसके परिवार के लोगों की तलाश कर शनिवार को उसके भाई को सौंपा गया।
विज्ञापन
लंबे समय से एक युवक शहर के विभिन्न हिस्सों में घूम रहा था। उसने कुछ दिन पहले तिकोनिया में उपद्रव भी किया था। बाद में वह भटकता हुआ नई आईटीआई के पास पहुंच गया। इंद्रप्रस्थ कालोनी निवासी हरीश भट्ट को एक झाड़ी के पास यह बीमार अवस्था में मिला। हरीश भट्ट कहते हैं कि गर्मी के कारण उसकी हालत खराब थी, उसे पास में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। फिर खाना खिलाने, दवा आदि का इंतजाम किया गया। आसपास के लोगों ने उसे नहलाने के साथ खाना खिलाया, कपड़े दिए और देखभाल में लग गए।
विज्ञापन
जब 22 मई को उसकी हालत सुधरी तो उससे घर का पता लगाने की कोशिश शुरू की, उसने करीब 20 नंबर इधर-उधर के बताए, जहां फोन मिला कर संपर्क करने का प्रयास किया गया। आखिरी में मेहनत रंग लाई, एक नंबर उसने सही बता दिया। यह उसके भाई का सुखविंदर सिंह लांबा का था। फोन पर सुखविंदर ने बताया कि जो युवक है, उसका नाम रविंद्र नाथ लांबा है जो कि करीब 22 दिनों से अंबाला से गायब था। शनिवार को सुखविंदर अंबाला से इंद्रप्रस्थ कालोनी पहुंचे। उसने बताया कि भाई का शटर लगाने का अच्छा खास बिजनेस है।
विज्ञापन
उनका अंबाला के मिलाप नगर में घर है। भाई की मानसिक स्थिति खराब होने के कारण वह घर से निकल गया था, इस मामले में अंबाला सिटी-5 नंबर चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने पूछताछ भी की थी। बाद में फूल मालाओं के साथ मददगार लोग, जिसमें दया, विनोद जोशी आदि ने रवाना किया।