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कुमाऊं में डेंगू की दस्तक, आठ मरीज मिले 

Wed, 13 Sep 2017 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी Updated Wed, 13 Sep 2017 02:35 AM IST
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Dengue knock in Kumaon, eight patients found
डेंगू वार्ड फुल, अस्पताल प्रशासन ने खड़े किए हाथ - फोटो : पीलीभ्‍ाीत/उत्‍ततर प्रदेश्‍ा

हल्द्वानी। स्वास्थ्य विभाग की सजगता और नगर निगम के सफाई के दावों की पोल डेंगू के मरीज मिलने के साथ ही खुल गई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में डेंगू के आठ मरीज मिले हैं। इनमें पांच हल्द्वानी के हैं। तीन अन्य अल्मोड़ा, बाजपुर और धानाचूली के हैं। नैनीताल जिले में ही स्क्रब टायफस के भी दो मामले सामने आए हैं। 

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मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही डेंगू और मलेरिया तेजी से फैल रहा है। स्वाइन फ्लू के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। आजाद नगर हल्द्वानी निवासी मोहम्मद अजमल (64), आदर्श नगर हल्द्वानी निवासी शौर्या खोलिया (13), बनभूलपुरा निवासी शबिया (60), काठगोदाम निवासी कमला बिष्ट (48), सोफिया (07)  वार्ड नंबर 14 हल्द्वानी, धानाचूली निवासी हेमा बिष्ट (26), अल्मोड़ा निवासी भगवती (20) और बाजपुर निवासी ममता देवी (45) की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है।
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गरमपानी निवासी मोहनी देवी (55) और ओखलकांडा निवासी सुनीता (18) में स्क्रब टायफस की पुष्टि हुई है। वर्ष 2016 में स्क्रब टायफस के चार मामले सामने आए थे। इसमें एक मरीज बागेश्वर का था और तीन हल्द्वानी के थे। वर्ष 2015 में स्क्रब टायफस का एक मामला सामने आया था। 
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ऐसे होता है स्क्रब टायफस 
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. मोहन तिवारी ने बताया कि स्क्रब टायफस माइट के काटने से होता है। ये पहाड़ों पर झाड़ियों में पाया जाता है। पहाड़ पर नंगे पैर चलने या आधी आस्तीन के कपड़े पहनकर काम करने के दौरान कोई भी चपेट में आ सकता है। स्क्रब टायफस होने के बाद शरीर में जले का निशान जैसा भी आने की आशंका रहती है। एलाइजा जांच से स्क्रब टायफस का पता लगाया जा सकता है। स्क्रब टायफस के मरीज को इलाज के दौरान डाक्सीसाइक्लीन एंटीबायोटिक दी जाती है। 

स्क्रब टायफस के लक्षण 
= बहुत तेज बुखार आना। 
= बदन और सिर दर्द होना। 
= शरीर पर चकत्ते पड़ना। 
= नसों में खून का जमना।

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