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एनएच के अधूरे काम को पूरा कराने की मांग, टोल पर दिया धरना

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 10:27 PM IST
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Demand to complete the incomplete work of NH, picket on toll
किच्छा के चुकटी स्थित टोल पर धरना देते किसान। संवाद - फोटो : KITCHHA
किच्छा। एनएच-74 की अधूरी सर्विस लेन के निर्माण व मार्ग के शेष काम को पूरा कराने की मांग के लिए किसान संगठनों ने चुकटी स्थित टोल प्लाजा पर धरना दिया। मौके पर पहुंचे एनएचएआई के अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया।
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मंगलवार सुबह किसान नेता तजेंद्र सिंह विर्क के आह्वान पर बड़ी तादाद में सितारगंज, गदरपुर और नगर के आसपास क्षेत्र के किसान चुकटी स्थित टोल पर पहुंच गए। यहां किसानों ने टोल गेट संख्या 2 पर दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि दो दिन पूर्व सिरसा मोड़ पर हुई दुर्घटना में छह लोग मारे गए जबकि 40 लोग घायल हो गए। इसके अलावा आए दिन एनएच पर दुर्घटनाओं में निर्दोष लोगों की मौत हो रही है।
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आरोप लगाया कि एनएचएआई ने टोल वसूली तो शुरू कर दी लेकिन जहां-जहां काम बाकी रह गया है वहां काम शुरू नहीं किया गया। किसानों का कहना था कि किच्छा में तो सर्विस लेन बनाई ही नहीं गई। इसके अलावा किसी भी चौराहे पर लाइट नहीं लगाई गई। किसानों का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र में जिस स्थान से सड़क हाईवे पर जाती है दुर्घटना रोकने की वहां कोई व्यवस्था नही की गई।
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तजेंद्र विर्क ने आरोप लगाया कि सिरसा मोड़ पर दुर्घटना के बाद एनएचएआई ने आननफानन जगह-जगह लगाए गए अवैध कट पर पत्थर लगा दिए ताकि उन पर आरोप ना लगे। सूचना पर पहुंचे सीओ ओमप्रकाश, कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने किसानों से बात की तो किसानों ने एक घंटे का समय देकर एनएचएआई के अधिकारियों को बुलवाया।
एनएच के टेक्निकल मैनेजर अक्षत बिश्नोई व लाइजनिंग ऑफिसर निशांत त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और धरनास्थल पर बैठे किसानों से बात की। बाद में अधिकारियों ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया कि 31 अक्तूबर तक सर्विस लेन व अन्य कार्य पूरे करा दिए जाएंगे। दो घंटे तक चले धरने के बाद तजेंद्र विर्क ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
इससे पूर्व किसानों ने सिरसा दुर्घटना में सीएम की ओर से घोषित किए मुआवजे की रकम बढ़ाने की मांग भी की। वहां निर्मल सिंह हंसपाल, जितेंद्र सिंह संधू, संतोख सिंह, प्रभजोत सिंह, बलविंदर सिंह, देवेंद्र सिंह विर्क, तराई किसान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष करमजीत सिंह, गुरजीत सिंह, तरसेम सिंह, हरविंदर सिंह, प्रगट सिंह, अमरजीत सिंह, लखविंदर सिंह समेत कई लोग मौजूद थे। संवाद
वर्षों से जान जोखिम में डालकर निकल रहे थे वाहन
किच्छा। सिरसा मोड़ पर हुई दुर्घटना के बाद आननफानन एनएचएआई ने नियम तोड़कर खोले गए कटों को पत्थर की बैरिकेडिंग कर बंद करा दिया है। इन कटों से स्कूली बच्चों को लेकर कई स्कूल बसें रोज निकल रही थीं। स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों की लापरवाही से बच्चों की जान जोखिम में डाल कर इन बसों का गलत दिशा से रोज निकलना पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
दो दिन पूर्व सिरसा मोड़ पर एक धार्मिक स्थल की ओर जा रही श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक कंटेनर ने टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए थे। एनएच-74 पर कई स्थानों पर नियम तोड़कर कट बना दिए गए थे। हालांकि इन कटों को खोलने के लिए ग्रामीणों ने भी प्रयास किया था लेकिन नियम तोड़कर कट बनाने के मामले में ग्रामीणों से ज्यादा प्रशासन जिम्मेदार है।
नगर के रुद्रपुर रोड पर स्थित एक कॉलोनी के लोग तो सुबह-शाम अपनी जान जोखिम में डाल कर अपने घरों को जाते हैं। इस स्थान पर एनएचएआई ने सर्विस लेन नहीं दे रखी है जबकि सर्विस लेन के लिए जगह छोड़ रखी है।

यही स्थिति आदित्य चौक से लेकर पुलभट्टा तक की है जहां पर सर्विस लेन ना होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों का कहना है कि अगर एनएचएआई ने सभी सुविधाएं नहीं दी हैं तो आखिर टोल वसूली किस नियम के तहत की जा रही है। इधर सिरसा मोड़ दुर्घटना के बाद कई स्थानों पर इस तरह के कट बंद किए जा चुके हैं। संवाद
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