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बाल अधिकारियों का हनन करने वाले लोक सेवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
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नैनीताल। पंतनगर सिडकुल स्थित इंटरार्क कंपनी में तालाबंदी का विरोध कर रहे मजदूरों के बच्चों ने सोमवार को आयुक्त दीपक रावत से भेंट कर धरना प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आयुक्त को ज्ञापन देकर इसे बाल अधिकारों का हनन बताते हुए मुकदमे दर्ज कराने वाले लोक सेवकों के खिलाफ कार्रवाई करने और मुकदमे वापस लेने की मांग की।
सोमवार को परिजनों के साथ नैनीताल पहुंचे मजदूरों के बच्चों ने आयुक्त से भेंट कर कहा कि इंटरार्क प्रबंधन ने 16 मार्च से कंपनी में नियम विरुद्ध तालाबंदी कर दी है। इसका असर वहां काम कर रहे मजदूरों और उनके परिवारों पर पड़ा है। कहा कि शासन ने तालाबंदी को अवैध घोषित कर दिया है। कंपनी ने अभी तक 356 मजदूरों को वापस काम पर नहीं रखा है।
आयुक्त को बताया गया कि कंपनी की ओर से शासन के आदेश का पालन नहीं करने पर मजदूरों और उनके बच्चों ने बाल सत्याग्रह कर 27 जून को ऊधमसिंह नगर के डीएम को ज्ञापन दिया और 29 जून को बाल पंचायत कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट पहुंचने की सूचना दी थी। तय कार्यक्रम के तहत मजदूर और उनके बच्चे कलक्ट्रेट पहुंचे तो उन्हें गेट से अंदर नहीं घुसने दिया गया। अब रुद्रपुर के श्रम आयुक्त की ओर से मजदूरों और उनके बच्चों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए गए हैं। बच्चों ने बाल अधिकारों का हनन करने वाले लोक सेवकों पर कार्रवाई कर झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की। कमिश्नर से मिलने वालों में महिमा, सीजल, प्रतिमा, पलक, श्रेया, डॉली, अभिनंदन, उत्कर्ष व भूमिका आदि शामिल थे।
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कोट
इंटरार्क कंपनी में कार्यरत रहे श्रमिकों के बच्चों ने कंपनी में तालाबंदी के बाद हो रही दिक्कतों के बारे में बताया था। इस मामले में कंपनी की लगभग डेढ़ करोड़ की आरसी कट चुकी है। संबंधित विभाग को वसूली के निर्देश दिए गए हैं। मुकदमे वापस लेने का मामला शासन स्तर का है। श्रमिकों के हित में जो भी न्यायोचित होगा वह कराया जाएगा।
- दीपक रावत कुमाऊं कमिश्नर।
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सोमवार को परिजनों के साथ नैनीताल पहुंचे मजदूरों के बच्चों ने आयुक्त से भेंट कर कहा कि इंटरार्क प्रबंधन ने 16 मार्च से कंपनी में नियम विरुद्ध तालाबंदी कर दी है। इसका असर वहां काम कर रहे मजदूरों और उनके परिवारों पर पड़ा है। कहा कि शासन ने तालाबंदी को अवैध घोषित कर दिया है। कंपनी ने अभी तक 356 मजदूरों को वापस काम पर नहीं रखा है।
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आयुक्त को बताया गया कि कंपनी की ओर से शासन के आदेश का पालन नहीं करने पर मजदूरों और उनके बच्चों ने बाल सत्याग्रह कर 27 जून को ऊधमसिंह नगर के डीएम को ज्ञापन दिया और 29 जून को बाल पंचायत कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट पहुंचने की सूचना दी थी। तय कार्यक्रम के तहत मजदूर और उनके बच्चे कलक्ट्रेट पहुंचे तो उन्हें गेट से अंदर नहीं घुसने दिया गया। अब रुद्रपुर के श्रम आयुक्त की ओर से मजदूरों और उनके बच्चों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए गए हैं। बच्चों ने बाल अधिकारों का हनन करने वाले लोक सेवकों पर कार्रवाई कर झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की। कमिश्नर से मिलने वालों में महिमा, सीजल, प्रतिमा, पलक, श्रेया, डॉली, अभिनंदन, उत्कर्ष व भूमिका आदि शामिल थे।
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इंटरार्क कंपनी में कार्यरत रहे श्रमिकों के बच्चों ने कंपनी में तालाबंदी के बाद हो रही दिक्कतों के बारे में बताया था। इस मामले में कंपनी की लगभग डेढ़ करोड़ की आरसी कट चुकी है। संबंधित विभाग को वसूली के निर्देश दिए गए हैं। मुकदमे वापस लेने का मामला शासन स्तर का है। श्रमिकों के हित में जो भी न्यायोचित होगा वह कराया जाएगा।
- दीपक रावत कुमाऊं कमिश्नर।