{"_id":"6a2b138ffcdb487a9b096dd3","slug":"deepa-sah-a-mushroom-grower-from-jyolikot-has-become-an-inspiration-for-other-women-nainital-news-c-238-1-ntl1018-127009-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: ज्योलीकोट की मशरूम उत्पादक दीपा साह बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: ज्योलीकोट की मशरूम उत्पादक दीपा साह बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा
Fri, 12 Jun 2026 01:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:29 AM IST
विज्ञापन
नैनीताल। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ज्योलीकोट से प्रशिक्षण प्राप्त कर क्षेत्र की महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। मशरूम उत्पादन के माध्यम से कई महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
ज्योलीकोट निवासी दीपा साह ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, बीज चयन, तापमान नियंत्रण और विपणन संबंधी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने घर से ही मशरूम उत्पादन शुरू किया जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होने लगी। दीपा साह ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने सीमित स्तर पर उत्पादन किया लेकिन अब मांग बढ़ने के साथ उत्पादन का दायरा भी बढ़ा दिया है। वर्तमान में वह स्थानीय लोगों को ही मशरूम की बिक्री कर रही हैं। भविष्य ने पैदावार बढ़ाकर वह बाजारों में बिक्री करेंगी। उनका मानना है कि कम लागत और सीमित स्थान में मशरूम उत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का बेहतर विकल्प बन सकता है।
विज्ञापन
ज्योलीकोट निवासी दीपा साह ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, बीज चयन, तापमान नियंत्रण और विपणन संबंधी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने घर से ही मशरूम उत्पादन शुरू किया जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होने लगी। दीपा साह ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने सीमित स्तर पर उत्पादन किया लेकिन अब मांग बढ़ने के साथ उत्पादन का दायरा भी बढ़ा दिया है। वर्तमान में वह स्थानीय लोगों को ही मशरूम की बिक्री कर रही हैं। भविष्य ने पैदावार बढ़ाकर वह बाजारों में बिक्री करेंगी। उनका मानना है कि कम लागत और सीमित स्थान में मशरूम उत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का बेहतर विकल्प बन सकता है।
विज्ञापन