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डुंगरी गांव के लापता राजेंद्र मेहता को तेंदुए ने बनाया निवाला
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राजेंद्र मेहता(फाइल फोटो)।
- फोटो : PITHORAGARH
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थल (पिथौरागढ़)। एक जनवरी से लापता डुंगरी गांव के 55 वर्षीय राजेंद्र मेहता का शव नौवें दिन लालघाटी सड़क से 200 मीटर नीचे झाड़ियों में क्षत- विक्षत अवस्था में मिला। तेंदुए के हमले से उसकी मृत्यु होने का अंदेशा लगाया जा रहा है।
डुंगरी गांव के 55 वर्षीय राजेंद्र सिंह मेहता पुत्र कान सिंह मेहता लालघाटी में किसी दुकान में कई साल से काम करते थे। एक जनवरी को वह दुकान बंद कर आठ बजे लालघाटी से अपने घर लौट रहे थे। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों में उसकी ढूंढ खोज की, लेकिन आठ दिन तक उसना कोई पता नहीं चल सका। नौ जनवरी को डुंगरी गांव के नवयुवकों ने सीसीटीवी फुटेज के अनुसार लालघाटी क्षेत्र में खोजबीन की तो शाम 5:30 बजे सड़क से दो सौ मीटर नीचे एक झाड़ी में उसका क्षत विक्षत शव पड़ा मिला।
तेंदुए ने लाश के चेहरे और पेट वाले हिस्से के सारे मांस को नोचकर खाया है। इसलिए प्रथमदृष्ट्या मौत का कारण तेंदुए का हमला बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्र के वन बीट अधिकारी नवीन चंद्र जोशी, योगेश कुमार और थल के थानाध्यक्ष हीरा सिंह डांगी घटनास्थल पर पहुंचे। रविवार शाम शव को झाड़ी से शव निकाला गया। शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
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डेढ़ साल भी किया था तेंदुए ने हमला
थल (पिथौरागढ़)। डेढ़ साल पहले भी मृतक पर उसके घर के खेत के पास तेंदुए ने जानलेवा हमला किया था। तब खेत में काम कर रही महिलाओं के शोर मचाने के बाद राजेंद्र मेहता की जान बच गई थी। राजेंद्र की मौत से उसकी पत्नी बदहवास है। दो बेटे सदमे में हैं। लालघाटी क्षेत्र में तेंदुए के हमले में राजेंद्र के मौत की खबर से लोगों में दहशत है।
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डुंगरी गांव के 55 वर्षीय राजेंद्र सिंह मेहता पुत्र कान सिंह मेहता लालघाटी में किसी दुकान में कई साल से काम करते थे। एक जनवरी को वह दुकान बंद कर आठ बजे लालघाटी से अपने घर लौट रहे थे। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों में उसकी ढूंढ खोज की, लेकिन आठ दिन तक उसना कोई पता नहीं चल सका। नौ जनवरी को डुंगरी गांव के नवयुवकों ने सीसीटीवी फुटेज के अनुसार लालघाटी क्षेत्र में खोजबीन की तो शाम 5:30 बजे सड़क से दो सौ मीटर नीचे एक झाड़ी में उसका क्षत विक्षत शव पड़ा मिला।
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तेंदुए ने लाश के चेहरे और पेट वाले हिस्से के सारे मांस को नोचकर खाया है। इसलिए प्रथमदृष्ट्या मौत का कारण तेंदुए का हमला बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्र के वन बीट अधिकारी नवीन चंद्र जोशी, योगेश कुमार और थल के थानाध्यक्ष हीरा सिंह डांगी घटनास्थल पर पहुंचे। रविवार शाम शव को झाड़ी से शव निकाला गया। शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।
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डेढ़ साल भी किया था तेंदुए ने हमला
थल (पिथौरागढ़)। डेढ़ साल पहले भी मृतक पर उसके घर के खेत के पास तेंदुए ने जानलेवा हमला किया था। तब खेत में काम कर रही महिलाओं के शोर मचाने के बाद राजेंद्र मेहता की जान बच गई थी। राजेंद्र की मौत से उसकी पत्नी बदहवास है। दो बेटे सदमे में हैं। लालघाटी क्षेत्र में तेंदुए के हमले में राजेंद्र के मौत की खबर से लोगों में दहशत है।