फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Death of Elefant in Accident

एलिफेंट कॉरिडोर की बाधा होनी चाहिए दूर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 11:20 PM IST
विज्ञापन
Death of Elefant in Accident
ट्रैन की चपेट में आने से पटरी किनारे मर्त हाथी। - फोटो : LALKUAN
रामनगर (नैनीताल)। कहीं हाथियों का आतंक तो कहीं हाथियों के रेलवे ट्रेक पर मौत की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ऐसे में बढ़ते शहरीकरण के बीच यह विशालकाय जानवर जाए तो कहां जाए। आबादी क्षेत्र में घुसकर या तो वह खुद मारा जाएगा या फिर किसी को मार डालेगा। इसीलिए हाथियों के लिए सुरक्षित गलियारा एलिफेंट कॉरिडोर बनाए जाना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

एलिफेंट कॉरिडोर में बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के हाथी एक जगह से दूसरी जगह स्वच्छंद रूप से विचरण कर सकेंगे। बढ़ता शहरीकरण, फैलता सड़कों का जाल और सिकुड़ते जंगलों के कारण वर्तमान में सबसे बड़ा संकट वन्य जीवों के स्वच्छंद विचरण पर आया है। इसके लिए ऐलिफ़ेंट कॉरिडोर बनाने की योजना सामने आई थी। भारत में लगभग 50 हजार जंगली हाथी पाए जाते हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 2019 में हुई गणना में 1135 हाथी रिकॉर्ड हुए है। कार्बेट नेशनल पार्क और आसपास के वन प्रभाग के बीच 11 हाथी कॉरिडोर चिह्नित किए गए थे। जिनमें दक्षिण पतली दून-चिलकिया कॉरिडोर, जो कार्बेट टाइगर रिजर्व और रामनगर वन प्रभाग के बीच पड़ता है। चिलकिया-कोटा और कोट-मैलामी कॉरिडोर, जो रामनगर वन प्रभाग का हिस्सा है।
विज्ञापन

फतेहपुर-गदगरिया, गौला रौखड़-गौराई टांडा, किलपुरा-खटीमा-सुरई हाथी कॉरिडोर, यह रामनगर वन प्रभाग और तराई सेंट्रल, तराई पूर्वी प्रभाग में प्रस्तावित हैं। लेकिन कई साल बीतने के बाद भी कॉरिडोर की योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। कॉरिडोर नहीं होने से आए दिन रेल से कटकर हाथियों की मौत हो रही है। वहीं हाथियों के हमले में लोगों को जान गंवानी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed