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#kabTakNirbhaya दरिंदों को सजा देने में देर न करे सरकार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2019 10:33 PM IST
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culprits should be punished soon
हल्द्वानी में सोमवार को अमर उजाला परिसर में अपराजिता के तहत आयोजित ‘आखिर कब तक निर्भया’ विषय पर ह
हल्द्वानी। हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी पर मातृशक्ति में गुस्सा है। उनका कहना है कि दरिंदों को सजा देने में जरा भी देरी नहीं होनी चाहिए। ऐसे लोगों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए। सरकार को इस मामले में नया कानून बनाना चाहिए। दुष्कर्म की बढ़ रही वारदातें को तभी रोका जा सकता है। अमर उजाला ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले ‘आखिर कब तक निर्भया’ पर संवाद कार्यक्रम के तहत महिलाओं ने सिस्टम की खामियों के साथ सुधार के लिए भी अपनी राय रखी।
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ऐसी घटनाओं के बाद लोग कुछ दिन कैंडल मार्च निकालते हैं फिर चुप हो जाते हैं। ऐसे राक्षसों से निबटने के लिए पुरुष वर्ग को सक्रिय होना होगा। दरिंदों को जल्द सजा देने का प्रावधान होना चाहिए।
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डॉ. प्रभा पंत, प्रोफेसर
नशे से काफी विकृतियां आती हैं। महिला को अपनी सुरक्षा के लिए सेल्फ डिंफेंस का कोर्स करना चाहिए। अपने बैग में पेपर स्प्रे जैसी सुरक्षात्मक चीजें रखनी चाहिए।
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-गीता बल्यूटिया, पार्षद
बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए। आरोपियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों से एक साल के अंदर मृत्यु दंड की सजा का प्रावधान बनाना चाहिए। किशोर आरोपियों को भी सामान्य की तरह सजा मिले।
डॉ. रेखा पांडे, रिटायर्ड प्राचार्या महिला डिग्री कालेज
यदि किशोर गलत काम करता है तो उसे कम उम्र का समझकर छोड़ना नहीं चाहिए क्योंकि किशोरों को भी गलत सही की समझ होती है। रेप जैसा कृत्य करने पर उसे भी बड़ों की तरह सजा होनी चाहिए।
भगवती रावत समाजसेविका
लड़कियों के मोबाइल में ऐसा बटन होना चाहिए ताकि एक बार दबाने पर तत्काल पुलिस को सूचना मिल सके। घटना के बाद फोन करने में देर लगती है। रेप जैसी घटना रोकने के लिए बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए।
सुचित्रा बेलवाल अधिवक्ता
सरकारों को रवैया ढीला होता है। इसी कारण निर्भया कांड में सजा देर से मिली। रेप के मामले में तत्काल फैसला होना चाहिए। सरकार की बेटी बचाओ नारा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है। सुरक्षा के लिए मोबाइल एप सरकार को जारी करना होगा। स्कूल में योगा और सुरक्षा का कोर्स होना चाहिए।
डॉ. साईकता जोशी ईएनटी रोग विशेषज्ञ
अस्पताल में रात की शिफ्ट में काम करने वाली डाक्टर को एंबुलेंस सुविधा मिलनी चाहिए। रास्ते में पुलिस पेट्रोलिंग और सीसीटीवी सक्रिय होना चाहिए। अस्पतालों में रात के समय आराम करने के लिए कर्मचारियों के लिए अलग कमरा मिलना चाहिए।
डॉ. प्रेक्षा पांडे स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
अपराधियों को डर नहीं है क्योंकि देश में कानूून लागू नहीं होता है। हल्द्वानी में अपराधिी पुलिस की चाभी लेकर भाग जाते हैं। अपराधियों के खिलाफ सजा भी लाइव होना चाहिए। तभी अपराधियों के अंदर डर होगा।
इशिका शर्मा छात्रा
रेप का नाम सुनते ही गुस्सा आता है। संसद में करीब 78 महिला सांसद हैं। देश में हर 20 मिनट पर रेप की एक घटना होती है। अपराधी गुनाह कबूलते हैं तो फिर सजा देने में देर क्यों होती है। सांसदों को सवाल उठाना चाहिए। त्वरित न्याय के लिए कानून बनाना चाहिए।
दया कार्की छात्रानेता
काउंसिलिंग से बच्चे ठीक हो सकते हैं। रेप के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के बावजूद सजा देर से मिलती है। वकीलों को भी ऐसे आरोपियों का केस नहीं लड़ना चाहिए।
शर्मिला मित्रा शिक्षिका
स्कूल में बच्चों का मेंटल टेस्ट होना चाहिए। स्कूटी और पैसा देेने से बच्चे बिगड़ते हैं। पहले अभिभावकों को संस्कार सिखाना चाहिए। बच्चे मोबाइल नेट से गंदगी सीख रहे हैं। अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए। सरकार को दरिंदों को सजा देने में देर नहीं करना चाहिए।
कुसुम दिगारी समाजसेविका
कानून और नशा देश की दो समस्याएं हैं। स्कूलों तक नशा पहुंच गया है। कानून का डर नहीं होने से अपराधी गलत कृत्य करते हैं। नशे से बच्चे अपराधी बन जाते हैं। इस मामले में सरकार को सख्त सजा का कानून लाना होगा।
डॉ. रेखा जोशी, एसोसिएट प्रोफेसर
रेप के अपराधी मानसिक विकृति से पूर्ण होते हैं। ऐसे लोगों को जल्द सजा होनी चाहिए। डर के बगैर ऐसे लोग नहीं सुधर सकते हैं। कालेजों में शिविर लगाकर बच्चों का मानसिक टेस्ट होना चाहिए ताकि उनको समय रहते सुधारा जा सके।
डॉ. रश्मि पंत, एसोसिएट प्रोफेसर
बेटे और बेटियों को एक समान समझना चाहिए। मोबाइल पर गलत साइट देखने से बच्चे खराब हो गए हैं। बच्चे मोबाइल का सदुपयोग नहीं कर रहे हैं।
डॉ ललिता जोशी, एसोसिएट प्रोफेसर
घर में बेटों के आने जाने पर भी टोका टाकी करना चाहिए। सारे प्रतिबंध लड़कियों पर ठीक नहीं होते हैं। रेप के आरोपियों को विदेशों की तरफ जनता के सामने छोड़ देना चाहिए।

डॉ. प्रतिभा जुयाल, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
बच्चों को अपराध के सजा के बारे में बताना चाहिए ताकि वे महिलाओं की इज्जत करें। जापान में बच्चों को भूकंप से बचने और बुजुर्गों व लाचार लोगों की मदद के लिए सिखाया जाता है। यहां भी ऐसा हो।
सुजाता माहेश्वरी, नृत्यांगना संस्था की संचालिका
रेप के आरोपियों को शेरों के हवाले कर देना चाहिए। आरोप लगाया कि पुलिस की लाठी सिर्फ गरीबों पर चलती है। अपराधियों पर पुलिस सख्ती नहीं बरतती है।
काव्या बोरा छात्रा
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