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Nainital News: क्रशर और डंपर स्वामियों ने अफसरों के सामने रखी समस्या
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देहरादून में खनन व्यवसाई व अधिकारियों की बैठक में उपस्थित लोग
- फोटो : HALDUCHOD
हल्द्वानी/लालकुआं/हल्दूचौड़। गौला में खनिज निकासी की अड़चन दूर करने के लिए देहरादून में खान विभाग, परिवहन विभाग, स्टोन क्रशर स्वामी, डंपर स्वामियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें क्रशर और डंपर स्वामियों ने रायल्टी में विसंगति से लेकर वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था लागू होने से लेकर ऊधमसिंह नगर में अवैध खनन और ओवर लोड वाहनों के चलने की बात को रखा है।
गौला में खनन कार्य शुरू नहीं हो सका है। डंपर स्वामी एक प्रदेश-एक रायल्टी करने, खनन वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था हटाने, ट्रैक्टर व ट्राली का एक टैक्स होने की मांग कर रहे हैं। मांगों के पूरे होने तक खनन न करने का एलान किया हुआ है। खनन शुरू न होने से सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पा रहा है। अब मामले को हल के लिए देहरादून में संयुक्त बैठक बुलाई गई। इसमें क्रशर स्वामियों ने कहा कि वर्तमान रायल्टी और अन्य खर्च को जोड़ते जो लागत आती है, उस रेट पर काम करना मुश्किल है। वक्ताओं ने ऊधमसिंह नगर में अवैध खनन और ओवर लोडिंग की बात को भी रखने के साथ अंकुश की बात कही और इससे होने वाली समस्याओं को बताया। डंपर स्वामियों ने खनन वाहनों में जीपीएस लगाने की व्यवस्था में छूट देने, बढ़ी हुई फिटनेस शुल्क की बात को भी रखा।
लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि बैठक सकारात्मक हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही मांगों पर फैसला हो जाएगा और खनिज निकासी शुरू हो सकेगी। बैठक में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सचिव खनन पंकज पांडे, संयुक्त परिवहन आयुक्त एसके सिंह, स्टोन क्रशर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सचिव सुनील तलवाड़, खीमानंद सनवाल, मंजीत सेठी, बसंत जोशी, डंपर स्वामी इंदर सिंह बिष्ट समेत अन्य मौजूद थे।
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कई बार हो चुकी कोशिश
हल्द्वानी। खनिज निकासी के गतिरोध को दूर करने के लिए कई बार कोशिश हो चुकी है। छह दिसंबर को देहरादून में बैठक हुई, फिर 18 दिसंबर को सीएम से एक प्रतिनिधि मंडल मिला था। पर अभी दिक्कत दूर नहीं हो सकी।
इस महीने लीज अवधि खत्म हो रही
हल्द्वानी। जलवायु वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने गौला में खनिज निकासी की दस साल की लीज थी, उसकी अवधि 23 जनवरी को खत्म हो रही है। लीज अवधि बढ़ने के आदेश का इंतजार हो रहा है। इसके अलावा नदियों में खनिज निकासी के एक्सटेंशन की कोशिश चल रही है। गौला खनन संघर्ष समिति के पम्मी सैफी का कहना है कि अगर लीज अवधि नहीं बढ़ती है तो वाहन स्वामी डंपर क्यों रिलीज करायेंगे और टैक्स देंगे। लीज अवधि भी बढ़नी चाहिए।
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गौला में खनन कार्य शुरू नहीं हो सका है। डंपर स्वामी एक प्रदेश-एक रायल्टी करने, खनन वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था हटाने, ट्रैक्टर व ट्राली का एक टैक्स होने की मांग कर रहे हैं। मांगों के पूरे होने तक खनन न करने का एलान किया हुआ है। खनन शुरू न होने से सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पा रहा है। अब मामले को हल के लिए देहरादून में संयुक्त बैठक बुलाई गई। इसमें क्रशर स्वामियों ने कहा कि वर्तमान रायल्टी और अन्य खर्च को जोड़ते जो लागत आती है, उस रेट पर काम करना मुश्किल है। वक्ताओं ने ऊधमसिंह नगर में अवैध खनन और ओवर लोडिंग की बात को भी रखने के साथ अंकुश की बात कही और इससे होने वाली समस्याओं को बताया। डंपर स्वामियों ने खनन वाहनों में जीपीएस लगाने की व्यवस्था में छूट देने, बढ़ी हुई फिटनेस शुल्क की बात को भी रखा।
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लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि बैठक सकारात्मक हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही मांगों पर फैसला हो जाएगा और खनिज निकासी शुरू हो सकेगी। बैठक में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सचिव खनन पंकज पांडे, संयुक्त परिवहन आयुक्त एसके सिंह, स्टोन क्रशर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सचिव सुनील तलवाड़, खीमानंद सनवाल, मंजीत सेठी, बसंत जोशी, डंपर स्वामी इंदर सिंह बिष्ट समेत अन्य मौजूद थे।
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कई बार हो चुकी कोशिश
हल्द्वानी। खनिज निकासी के गतिरोध को दूर करने के लिए कई बार कोशिश हो चुकी है। छह दिसंबर को देहरादून में बैठक हुई, फिर 18 दिसंबर को सीएम से एक प्रतिनिधि मंडल मिला था। पर अभी दिक्कत दूर नहीं हो सकी।
इस महीने लीज अवधि खत्म हो रही
हल्द्वानी। जलवायु वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने गौला में खनिज निकासी की दस साल की लीज थी, उसकी अवधि 23 जनवरी को खत्म हो रही है। लीज अवधि बढ़ने के आदेश का इंतजार हो रहा है। इसके अलावा नदियों में खनिज निकासी के एक्सटेंशन की कोशिश चल रही है। गौला खनन संघर्ष समिति के पम्मी सैफी का कहना है कि अगर लीज अवधि नहीं बढ़ती है तो वाहन स्वामी डंपर क्यों रिलीज करायेंगे और टैक्स देंगे। लीज अवधि भी बढ़नी चाहिए।