फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   The last time family friend of Rohit misleading

आखिरी समय तक परिजनों को गुमराह करते रहे रोहित के दोस्त

Fri, 04 Mar 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भवाली (नैनीताल)।
ब्यूरो/अमर उजाला, भवाली (नैनीताल)। Updated Fri, 04 Mar 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन

ग्राफिक ऐरा के छात्र रोहित बिष्ट की मौत के मामले में रोहित के दोनों सहपाठी रोहित के परिजनों और पुलिस को आखिरी समय तक गुमराह करते रहे वहीं दूसरी ओर इस मामले में बगैर नंबर वाली सफेद रंग की स्विफ्ट कार भी भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।

विज्ञापन


 परिजनों का मानना है कि यदि रात में ही दोनों छात्रों ने घटना की सच्चाई बता दी होती तो हो सकता था कि रोहित को बचा लिया जाता लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बताते चलें कि रोहित के साथी दोनों छात्रों में से एक छात्र शिवम पंत मूल रूप से दन्या अल्मोड़ा का रहने वाला है और वर्तमान में हल्द्वानी में किराए पर रहता है और हल्द्वानी से ही ग्राफिक ऐरा तक आता जाता है।
विज्ञापन


जबकि दूसरा छात्र योगेश कुमार मूल रूप से काशीपुर का निवासी है और यहां मेहरागांव में किराए पर रहता है। बुधवार की शाम को रोहित के परिजनों ने इन दोनों छात्रों से एक बार नहीं बल्कि कई बार पूछताछ की लेकिन दोनों छात्रों का एक ही जवाब था कि वह बुधवार दोपहर दो बजे रोहित के साथ मेहरागांव तक आया और वहां से रोहित स्कूटी से हल्द्वानी चला गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन जब गुरुवार की सुबह पुलिस ने पूछताछ की तो दोनों ने बुधवार को हुई घटना का खुलासा कर दिया। ऐसे में परिजनों का मानना है कि यदि दोनों छात्रों ने रात में ही घटना के बारे में सच बता दिया होता तो शायद रोहित को बचाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

 इधर, निगलाट और आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि बुधवार को घटनास्थल के पास एक सफेद रंग की बगैर नंबर वाली स्विफ्ट कार भी घंटों तक मौके पर खड़ी रही थी। इस कार में कौन लोग सवार थे यह ग्रामीण नहीं बता सके। चूंकि घटना के वक्त तीनों छात्रों ने नशा किया हुआ था।

 पुलिस की मानें तो शिवम और योगेश दोनों गुरुवार सुबह तक नशे की हालत में थे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब दोनों छात्र नशे में थे तो फिर वह सुरक्षित कैसे हल्द्वानी और मेहरागांव स्थित अपने कमरों तक पहुंच गए। चूंकि मौके पर एक स्विफ्ट कार खड़ी देखी गई थी लिहाजा इस बात की आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि कहीं दोनों छात्र इसी स्विफ्ट कार में तो अपने कमरों तक नहीं पहुंचे।

इन तमाम अनसुलझे सवालों को देखते हुए पुलिस ने बगैर नंबर की स्विफ्ट कार को भी जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि कहीं इस कार का भी तो रोहित की मौत से कोई संबंध नहीं है।

ग्राफिक ऐरा के छात्र रोहित बिष्ट का शव मिलने की सूचना मिलने पर गुरुवार शाम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल, एसपी सिटी यशवंत सिंह और एसएसआई डीएल वर्मा ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया।


इस दौरान एसएसपी ने कोतवाली पुलिस को मामले की विवेचना के निर्देश दिए। उन्होंने  दोनों छात्रों से होने वाली पूछताछ के साथ साथ शव के पोस्टमार्टम की वीडियो क्लीपिंग तैयार कराने और जरूरत पड़ने पर दोनों छात्रों का लाइव डिटेक्टिव टेस्ट कराने को कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed