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तिहाड़ से छूटते ही रिश्तेदार की स्कूटी पर हाथ साफ

Fri, 27 Mar 2015 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Fri, 27 Mar 2015 01:55 AM IST
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Scotty dropping relative to Tihar on clean hands , clean hands

दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस के लिए सिरदर्द बने लुटेरे को कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार किया है। लुटेरे से चोरी के वाहन और मोबाइल बरामद हुए हैं। लुटेरे दिल्ली तिहाड़ जेल में बंद था। वहां से छूटने के बाद उसने अपने रिश्तेदार के घर से स्कूटी में हाथ साफ करने के बाद बाकी वाहन चुराए हैं। लूट में उसके दो साथियों की पुलिस तलाश कर रही है।

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अल्मोड़ा जिले के रानीखेत का मूल निवासी चेतन पांडे अपने पिता योगेश पांडे के साथ दिल्ली के राजनगर पालम विलेज कालोनी में रहता था। कुछ दिनों पहले वह कठघरिया स्थित अपने रिश्तेदार के घर आया। वहां से उसने रिश्तेदार की स्कूटी चुरा ली। इसके बाद मंगल पड़ाव में बनभूलपुरा निवासी दोस्त छोटू और लट्टू उर्फ बड़े के साथ रहने लगा। दोस्तों के घर के बारे में वह नहीं जानता है। चेतन ने रामपुर रोड पर मार्निंग वाक पर निकले एक व्यापारी की सरेआम चेन लूटी। इसके बाद कई मोबाइल लूटे।
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एसएसपी सेंथिल अबुदई ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने पुलिस टीम गठित कर चौकी प्रभारी ललित मोहन जोशी, एसओजी के दिनेश पंत, चौकी प्रभारी नंदन सिंह रावत, विनोद जोशी को लुटेरे की धरपकड़ मेें लगाया। बुधवार रात पुलिस टीम ने लुटेरे को जगदंबानगर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ से पता चला कि चेतन के पिता दिल्ली में टेंपो चलाते हैं। वह दिल्ली में कई घटनाएं कर चुका है। अक्तूबर में वह तिहाड़ जेल से छूटा है। दिल्ली में उसके खिलाफ 15 मुकदमे दर्ज हैं। हल्द्वानी में लूटपाट करने के बाद वह एक डीलर को मोबाइल बेचता था। पुलिस ने चेतन की निशानदेही पर अस्पताल के सामने से चोरी गई पल्सर सहित छह बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। इस मामले में पुलिस चेतन के साथी और मोबाइल डीलर की तलाश कर रही है।
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आखिर किसको बचा रही पुलिस
लुटेरे की गिरफ्तारी के साथ जंगल से सात बाइकों की बरामदगी की कहानी किसी के गले नहीं उतर रही है। बाइकों और स्कूटी पनियाली के जंगल में कहां छिपाई थी। जंगल में रोजाना गांव वाले लकड़ी और मवेशी चराने जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों की नजरों से बाइकें कैसे बच गई। पुलिस की इस कहानी में कई झोल हैं। पुलिस का दावा है कि चेतन 15 मोबाइल इस्तेमाल करता है। यह बात भी किसी के गले उतरने वाली नहीं है। जबकि लुटेरे ने प्रेस वार्ता में चोरी के मोबाइल एक डीलर को बेचने की बात कबूली थी, जिसे पुलिस छीपा गई।


ऐसे उड़ायी रिश्तेदार की स्कूटी
मंगल पड़ाव चौकी प्रभारी का कहना है कि शहर में ताबड़तोड़ चेन स्नेचिंग की घटनाओं के बाद पुलिस अपराधियों के यहां दबिश डाल रही थी। उन्हीं दिनों चेतन पांडेय कठघरिया स्थित अपने रिश्तेदार के घर गया था। पुलिस को देखकर चेतन डर गया और वहां से भागने के लिए अपने ही रिश्तेदार की स्कूटीचोरी कर ली। रिश्तेदार ने मुखानी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। स्कूटी की बरामदगी के बाद खुलासा हुआ कि चेतन ने ही अपने रिश्तेदार को भी नहीं बख्शा।

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