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घर के बाहर सोती महिला से दरिंदगी

Sat, 31 Dec 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी Updated Sat, 31 Dec 2016 01:53 AM IST
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Outdoor woman sleeps Drindgi
rape - फोटो : Demo

घर के बाहर सो रही महिला से दरिंदगी का मामला पांच दिन बाद सामने आया है। दरिंदे ने महिला के गुप्तांग में बेलन डाल दिया। बेहोश होकर महिला चारपाई से नीचे गिर पड़ी। लापरवाही  की हद यह रही कि न तो महिला का पति पुलिस के पास गया और न ही डाक्टरों ने ऑपरेशन के बाद पुलिस को सूचित करना उचित समझा।

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26 दिसंबर को जब एसटीएच के डाक्टरों ने आपरेशन कर बेलन निकाल लिया। आशंका है कि दरिंदा महिला को अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था लेकिन सफल नहीं होने पर उसने यह क्रूरता की। चार दिन तक क्रूरता की यह घटना अस्पताल तक सीमित रही। शुक्त्रस्वार को  सूचना मिलने के बाद सीओ ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
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जजफार्म में रहने वाले नेपाली  मजदूर की पत्नी 25 दिसंबर की रात झोपड़ी के बाहर सो रही थी। मजदूर झोपड़ी में सोया था। अंधेरे में दरिंदे ने महिला से जोर जबरदस्ती की। सफ ल नहीं होने पर दरिंदे ने उसके रेक्टम में बेलन डाल दिया।
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महिला चीखते हुए चारपाई से नीचे गिर पड़ी। चीख पुकार सुनते ही मजदूर पति बाहर निकला। अगले दिन मजदूर ने पत्नी को एसटीएच में भर्ती कराया। पति ने  डाक्टरों को बताया कि उसकी पत्नी गिरकर घायल हो गई है।

डाक्टरों ने पहले समझा कि पेट में गैस भरी है, लेकिन एक्सरे रिपोर्ट देखने पर डाक्टर सकते में आ गए।  महिला की हालत को गंभीर देखते हुए सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. केदार सिंह शाही ने महिला के पेट का आपरेशन किया तो उसमें बेलन निकलने पर चौंक गए।

महिला के पेट में बेलन शौच की जगह से अंदर किए जाने से बेलन रेक्टम से होकर बड़ी आंत को फाड़कर छोटी आंतों में जा फंसा था। इस कारण उसकी बड़ी आंत में छेद हो गया। आपरेशन के बाद बड़ी आंत को बाहर निकाल कर महिला के पेट के बाहर लगा दिया गया ताकि मल पास हो सके।

शौच का स्थान सही होने में वक्त लगेगा। चार दिनों तक आईसीयू में रखने के बाद डाक्टरों ने उसे शुक्त्रस्वार को सामान्य सर्जरी वार्ड में शिफ्ट किया है। महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी है। पूछने पर पति ने बताया कि उसने पुलिस को सूचना नहीं दी थी।

डाक्टर का कहना है कि पुलिस को महिला के गिरने की  सूचना दी गई थी।  चिकित्सा अधीक्षक डाण् एके पांडे का कहना है कि आपरेशन के बाद सूचना देने की जिम्मेदारी सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. केएस शाही की थीए उन्होंने पुलिस को सूचना दी या नहीं उनकी जानकारी में नहीं है।

शनिवार को सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष से बात कर पुलिस को सप्लीमेंट्री रिपोर्ट भेजी जाएगी। सीओ लोकजीत सिंह का कहना है कि एसटीएच से शुक्त्रस्वार को महिला के साथ दरिंदगी की जानकारी मिली है। पहले पुलिस को महिला के गिरने की सूचना दी गई थी।

घटना की जानकारी मिलने के तत्काल बाद महिला पुलिस को बयान के लिए अस्पताल भेजा गया है। चार दिनों तक अस्पताल प्रशासन चुप बना रहाए जबकि आपरेशन के बाद ही क्रूरतम घटना का खुलासा हो गया था। 

इस संबंध में सुशीला तिवारी अस्पताल के सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डाण् केएस शाही का कहना है कि महिला के साथ जो क्रूरता हुई थीए उसके बाद उसकी हालात लगातार बिगड़ रही थी।

सेप्टीसीमिया भी हो चुका था। जब आपरेशन किया गया तो उसमें बेलन मिला। इसके बाद परिवारों वालों से बात की गई तब उन्होंने घटना की जानकारी दी। इमरजेंसी में भर्ती कराते समय घटनाक्त्रस्म को परिवार वालों ने नहीं बताया था।


डा. शाही का दावा है कि जब सर्जरी के दौरान बेलन मिला थाए उसके बाद महिला को सबसे पहले इमरजेंसी में देखने वाले और मेडिकल लीगल केस काटने वाले संबंधित कैज्युलिटी मेडिकल अफसर;सीएमओद्ध को पूरी जानकारी देने के साथ पुलिस को भी अवगत कराने को कहा था। मेडिकल लीगल केस से जुड़ा प्रकरण को सीएमओ के माध्यम से ही भेजा जाता है।

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