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एसएसपी को हटाने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे छात्रनेता
Updated Mon, 05 Mar 2018 02:27 AM IST
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हल्द्वानी में छात्रनेताओं का हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। एमबी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जगदीश सिंह बिष्ट पर हमला मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता रविवार को सड़क पर उतर गए। एसएसपी पर वसूली और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाकर उनके निलंबन की मांग करते हुए उन्होंने नैनीताल रोड पर कोतवाली के सामने तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इससे पुलिस प्रशासन हरकत में आया तो एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट कार्यकर्ताओं को मनाने पहुंचे। बाद में हमले के मुख्य आरोपी मोनू पंडित की गिरफ्तारी के बाद मामला शांत हो गया। धरना प्रदर्शन से कई बार जाम भी लगा।
जगदीश सिंह बिष्ट ने कहा कि उन पर एक हिस्ट्रीशीटर सहित कई लोगों ने एक मार्च की रात डिग्री कॉलेज के सामने हमला किया था। फोन करने पर कोतवाल से लेकर एसएसपी तक ने उचित कार्रवाई नहीं की। दबाव बनाने पर चार लोगों की गिरफ्तारी हुई लेकिन मुख्य आरोपी मोनू पंडित को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को पुलिस नाश्ता और भोजन कराती रही। इस मामले में एसएसपी की भूमिका काफी खराब रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी राजपुरा के सटोरिये के साथ फोटो खिंचवाते हैं। भाजपा शासन आने के बाद भाजपा नेता समीर आर्या और गोपाल भट्ट पर हमले हुए। समीर आर्या के हमलावरों की गिरफ्तारी करने में पुलिस ने उच्चाधिकारियों की शह पर हीलाहवाली की गई। यह भी कहा कि एसएसपी को निलंबित करने के लिए भाजपा के लोग मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जाएंगे। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने प्रदर्शनकारियों को मनाने की काफी कोशिश की। आरोपी मोनू पंडित की गिरफ्तारी और सभी आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। प्रदर्शन करने वालों में प्रमोद बोरा आदि शामिल थे।
निलंबन की मांग कर तीन घंटे तक थाने के सामने धरना प्रदर्शन, पुलिस के हाथ पांव फूले
वसूली और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप, हमलावर की गिरफ्तारी के बाद शांत हुआ मामला
टैक्सी यूनियन के खिलाफ भी मोर्चा
छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप कुल्याल ने टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों की भी शिकायत दी। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को दिए गए प्रार्थनापत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि मोनीस खान का गिरोह यूनियन की आड़ में अवैध वसूली करा रहा है।
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एसपी सिटी और सीओ से भिड़े छात्रनेता
बीच सड़क पर धरने पर बैठे छात्रनेता दो बार एसपी सिटी और सीओ से भिड़ गए। वे बार-बार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुराने मुद्दे को उठा रहे थे। छात्रनेताओं के समर्थन में एनएसयूआई से जुड़े छात्रनेता रविंद्र प्रताप सिंह और देवेंद्र नेगी भी टैक्सी स्टैंड के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं के धरने पर बैठने के कारण पुलिस अधिकारी भी असमंजस में थे।
कप्तान बोले-बताए, किस बात का गुस्सा है
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे लोगों को यह बताना चाहिए कि किस शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। अब तक किसी विवेचनाधिकारी की शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। आखिर किस बात पर कुछ लोग गुस्सा कर बैठे हैं। व्यक्तिगत चीजों पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है लेकिन आरोप लगाने के लिए ठोस आधार जरूरी है। अभी तक जितनी घटनाएं हुई हैं पुलिस ने माकूल कार्रवाई की है। जांच में कुछ समय लगता है लेकिन त्वरित कार्रवाई में पुलिस पीछे नहीं है।
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जगदीश सिंह बिष्ट ने कहा कि उन पर एक हिस्ट्रीशीटर सहित कई लोगों ने एक मार्च की रात डिग्री कॉलेज के सामने हमला किया था। फोन करने पर कोतवाल से लेकर एसएसपी तक ने उचित कार्रवाई नहीं की। दबाव बनाने पर चार लोगों की गिरफ्तारी हुई लेकिन मुख्य आरोपी मोनू पंडित को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को पुलिस नाश्ता और भोजन कराती रही। इस मामले में एसएसपी की भूमिका काफी खराब रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी राजपुरा के सटोरिये के साथ फोटो खिंचवाते हैं। भाजपा शासन आने के बाद भाजपा नेता समीर आर्या और गोपाल भट्ट पर हमले हुए। समीर आर्या के हमलावरों की गिरफ्तारी करने में पुलिस ने उच्चाधिकारियों की शह पर हीलाहवाली की गई। यह भी कहा कि एसएसपी को निलंबित करने के लिए भाजपा के लोग मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जाएंगे। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय ने प्रदर्शनकारियों को मनाने की काफी कोशिश की। आरोपी मोनू पंडित की गिरफ्तारी और सभी आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। प्रदर्शन करने वालों में प्रमोद बोरा आदि शामिल थे।
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निलंबन की मांग कर तीन घंटे तक थाने के सामने धरना प्रदर्शन, पुलिस के हाथ पांव फूले
वसूली और अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप, हमलावर की गिरफ्तारी के बाद शांत हुआ मामला
टैक्सी यूनियन के खिलाफ भी मोर्चा
छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप कुल्याल ने टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों की भी शिकायत दी। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को दिए गए प्रार्थनापत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि मोनीस खान का गिरोह यूनियन की आड़ में अवैध वसूली करा रहा है।
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एसपी सिटी और सीओ से भिड़े छात्रनेता
बीच सड़क पर धरने पर बैठे छात्रनेता दो बार एसपी सिटी और सीओ से भिड़ गए। वे बार-बार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुराने मुद्दे को उठा रहे थे। छात्रनेताओं के समर्थन में एनएसयूआई से जुड़े छात्रनेता रविंद्र प्रताप सिंह और देवेंद्र नेगी भी टैक्सी स्टैंड के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं के धरने पर बैठने के कारण पुलिस अधिकारी भी असमंजस में थे।
कप्तान बोले-बताए, किस बात का गुस्सा है
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे लोगों को यह बताना चाहिए कि किस शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। अब तक किसी विवेचनाधिकारी की शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। आखिर किस बात पर कुछ लोग गुस्सा कर बैठे हैं। व्यक्तिगत चीजों पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है लेकिन आरोप लगाने के लिए ठोस आधार जरूरी है। अभी तक जितनी घटनाएं हुई हैं पुलिस ने माकूल कार्रवाई की है। जांच में कुछ समय लगता है लेकिन त्वरित कार्रवाई में पुलिस पीछे नहीं है।