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रामपुर का वीरप्पन काट रहा है तराई का जंगल
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। उत्तर प्रदेश के रामपुर का एक लकड़ी तस्कर उत्तराखंड के तराई के जंगलों में पेड़ों पर आरी चलवा रहा है। अवैध कटान में लगातार बढ़ रही संलिप्तता से यह तस्कर वन महकमे के लिए ‘वीरप्पन’ बन गया है। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की एसओजी इसकी तलाश में रामपुर, मुरादाबाद में दबिश भी दे रही है।
ऊधमसिंह नगर के तराई केंद्रीय वन प्रभाग में घना जंगल है। करीब 40 हजार हेक्टेयर में फैले इस जंगल में यूकेलिप्टिस, पापुलर जैसी इमारती लकड़ी के साथ ही खैर, सागौन, शीशम के बेशकीमती पेड़ भी हैं। एसओजी के मुताबिक रामपुर के स्वार का रहने वाला एक लकड़ी तस्कर जंगल में तस्करी की वारदातें अंजाम दे रहा है। इस तस्कर के इशारे पर पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है। अभी तक एसओजी और वन महकमे ने जितनी तस्करी की गाड़ियां गदरपुर, बिलासपुर रोड से पकड़ी हैं सभी रामपुर की तरफ जा रही थी। टीम ने जनवरी से अब तक सात वाहन सीज किए जा चुके हैं, जबकि 200 क्विंटल खैर 11 गिल्टे सागौन और 8 गिल्टे शीशम के पकड़े जा चुके हैं। पूछताछ में हर बार सामने आया कि तस्करी उस तस्कर के इशारे पर ही की जा रही थी। जांच पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पीलीभीत सीमा से सटे जंगल से काटी जा रही लकड़ी भी रामपुर के तस्कर के इशारे पर की जा रही है। पिछले माह रामपुर के स्वार के एक बगीचे से शीशम की लकड़ी बरामद हुई थी। इधर एसओजी इस तस्कर की तलाश में जुट गई है। टीम ने रामपुर, मुरादाबाद में ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
इस तरह करवाता है तस्करी
हल्द्वानी। रामपुर का तस्कर जंगल और जंगल से सटे गांवों के अराजक तत्वों से संपर्क साधता है। बाद में उन्हें एक ही रात में तस्करी के मोटी रकम का लालच देता है। रातों रात अमीर बनने के लालच में ये तस्कर के इशारे पर जंगल पर आरी चलाने लगते हैं।
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रामपुर का एक लकड़ी तस्कर यहां अवैध कटान करा रहा है अभी तक जितनी भी वारदातें सामने आई हैं इस तस्कर का हाथ था। इस तस्कर को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई जा रही है जल्द ही गिरफ्त में होगा।
- रूप नारायण गौतम, एसओजी प्रभारी, तराई केंद्रीय वन प्रभाग
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ऊधमसिंह नगर के तराई केंद्रीय वन प्रभाग में घना जंगल है। करीब 40 हजार हेक्टेयर में फैले इस जंगल में यूकेलिप्टिस, पापुलर जैसी इमारती लकड़ी के साथ ही खैर, सागौन, शीशम के बेशकीमती पेड़ भी हैं। एसओजी के मुताबिक रामपुर के स्वार का रहने वाला एक लकड़ी तस्कर जंगल में तस्करी की वारदातें अंजाम दे रहा है। इस तस्कर के इशारे पर पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है। अभी तक एसओजी और वन महकमे ने जितनी तस्करी की गाड़ियां गदरपुर, बिलासपुर रोड से पकड़ी हैं सभी रामपुर की तरफ जा रही थी। टीम ने जनवरी से अब तक सात वाहन सीज किए जा चुके हैं, जबकि 200 क्विंटल खैर 11 गिल्टे सागौन और 8 गिल्टे शीशम के पकड़े जा चुके हैं। पूछताछ में हर बार सामने आया कि तस्करी उस तस्कर के इशारे पर ही की जा रही थी। जांच पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पीलीभीत सीमा से सटे जंगल से काटी जा रही लकड़ी भी रामपुर के तस्कर के इशारे पर की जा रही है। पिछले माह रामपुर के स्वार के एक बगीचे से शीशम की लकड़ी बरामद हुई थी। इधर एसओजी इस तस्कर की तलाश में जुट गई है। टीम ने रामपुर, मुरादाबाद में ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
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इस तरह करवाता है तस्करी
हल्द्वानी। रामपुर का तस्कर जंगल और जंगल से सटे गांवों के अराजक तत्वों से संपर्क साधता है। बाद में उन्हें एक ही रात में तस्करी के मोटी रकम का लालच देता है। रातों रात अमीर बनने के लालच में ये तस्कर के इशारे पर जंगल पर आरी चलाने लगते हैं।
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रामपुर का एक लकड़ी तस्कर यहां अवैध कटान करा रहा है अभी तक जितनी भी वारदातें सामने आई हैं इस तस्कर का हाथ था। इस तस्कर को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई जा रही है जल्द ही गिरफ्त में होगा।
- रूप नारायण गौतम, एसओजी प्रभारी, तराई केंद्रीय वन प्रभाग