फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   कर्ज के चलते किसान ने जान दी

कर्ज के चलते किसान ने जान दी

Mon, 07 Aug 2017 02:24 AM IST
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:24 AM IST
विज्ञापन
कर्ज के चलते किसान ने जान दी
हल्द्वानी। लालकुआं क्षेत्र में एक किसान जहर खाने के बाद अचेत हो गया। अस्पताल लेकर जाने के लिए 108 नंबर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजन किसी प्रकार किसान को लेकर बेस अस्पताल आए लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह राजमिस्त्री का भी काम करता था। उसकी एक बीघा जमीन थी। बेटे के इलाज के कारण लाखों रुपये का कर्ज था और इस कारण वह तनाव में था। कुमाऊं में किसान आत्महत्या का यह छठा मामला है।
विज्ञापन

शास्त्रीनगर बिंदुखत्ता निवासी किसान धन सिंह डसीला (60) रविवार की दोपहर जहर खाने के बाद एक दुकान के सामने बेहोश हो गए। किसान का बेटा पवन सिंह डसीला दुग्ध समिति में कार्यरत है। बेटा ड्यूटी कर लौटा तो पिता के बेहोश होने की जानकारी मिली। पड़ोसियों के साथ वह पिता को अस्पताल लेकर जाना चाहता था लेकिन छह बार कॉल करने के बावजूद 108 नंबर एंबुलेंस नहीं आई। पड़ोसियों किसी अन्य कार चालक से मदद मांगी। कार से बुजुर्ग किसान को बेस अस्पताल लाया गया। यहां उपचार के दौरान 15 मिनट में किसान ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर का कहना था कि काफी देर पहले उसने जहर खा लिया था। पड़ोसी मोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि किसान की चार बेटियां और एक बेटा है। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटे के बीमार रहने से किसान परेशान थे। इलाज में काफी पैसा खर्च हो गया था। इसके लिए लाखों रुपये का कर्ज भी लिया था। इसी कारण वह काफी तनाव में रहते थे। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। कुमाऊं में यह किसान आत्महत्या का छठा मामला है। अब तक ऊधमसिंह नगर में तीन, बागेश्वर में एक, पिथौरागढ़ में एक किसान आत्महत्या का मामला सामने आ चुका है।
विज्ञापन


एंबुलेंस आती तो बच सकती थी जान
पड़ोसी मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि वह किसान के बेहोश होने की जानकारी मिलने पर अपने खेत से दौड़कर आए थे। 108 नंबर एंबुलेंस को बुलाने के चक्कर में काफी देर हो गई लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। अस्पताल पहुंचने में दो घंटे लग गई। रास्ते में कई जगह जाम लगा था। यदि समय से एंबुलेंस आती तो शायद किसान की इलाज से जान बच सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed