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बिजली विभाग ने कार शो रूम को भेजा नोटिस
Updated Tue, 31 Jul 2018 01:56 AM IST
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हल्द्वानी। ऊर्जा निगम ने रविवार को रामपुर रोड स्थित कार शो रूम के पास हुए हादसे की जांच के लिए मुख्य विद्युत निरीक्षक को पत्र भेज दिया है। साथ ही कार शो रूम स्वामी को भी नोटिस दिया है।
रामपुर रोड में 29 जुलाई को तड़के कार शो रूम के बाहर गार्ड रूम में करंट फैलने से ओखलकांडा निवासी गार्ड नरेंद्र सिंह नदगली (28) की मौत हो गई थी, जबकि हरीश सिंह (62) झुलसने से घायल हो गए थे। ऊर्जा निगम के ईई (ग्रामीण) अमित आनंद ने बताया कि निर्धारित प्रारूप में जांच मुख्य विद्युत निरीक्षक को भेजी गई है। ईई के अनुसार कार शो रूम स्वामी द्वारा नियम विरुद्ध ट्रांसफार्मर से सटाकर गार्ड हाउस बनाया गया था जिसके कारण हादसा हुआ लिहाजा कार शो रूम स्वामी को भी नोटिस भेजा गया है।
मुआवजे को लेकर संशय की स्थिति
हल्द्वानी। यूपीसीएल के अधिकारियों के मुताबिक हादसे में किसी की मौत होने अथवा घायल होने पर मुआवजे का प्रावधान तो है लेकिन मुआवजा तभी मिलता है जब हादसे के लिए या तो विभागीय व्यवस्था जिम्मेदार हो या फिर दैवी आपदा की स्थिति हो। किसी भी व्यक्ति की खुद की लापरवाही से होने वाले हादसों में मुआवजे का प्रावधान नहीं होता है। ईई (ग्रामीण) अमित आनंद का कहना है कि कार शो रूम के सामने हुए विद्युत हादसे की जांच के बाद ही मुआवजे पर फैसला लिया जा सकता है।
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कुमाऊं में तीन साल में अस्सी लोग मारे गए
हल्द्वानी। मानवजनित लापरवाहियां विद्युत हादसों का बड़ा कारण है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए न तो शासन-प्रशासन गंभीर है और न ही संबंधित विभाग को चिंता है। इसके कारण हादसे लगातार हो रहे हैं है। निदेशक विद्युत सुरक्षा और मुख्य विद्युत निरीक्षक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार तीन साल में कुमाऊं मंडल में अलग अलग स्थानों पर हुए विद्युत हादसों में 80 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 92 मवेशी भी मारे जा चुके हैं। विद्युत लाइनों से अग्निकांड के भी नौ मामले हो चुके हैं।
कुमाऊं मंडल में तीन साल में हुए हादसे
वर्ष कुल हादसे घातक अघातक अग्निकांड
2015-16 52 34 14 4
2016-17 78 59 17 2
2017-18 81 56 12 3
यूपीसीएल अधिकारी हादसों की सूचना निर्धारित प्रपत्र में भेजते हैं, जिसके बाद हादसों की जांच होती है। जांच में हादसे के कारण और उसके लिए जिम्मेदार कौन से इसे तय किया जाता है। ताकि पीड़ित पक्ष को मुआवजा मिल सके और हादसे के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
-एके कश्यप, अपर सहायक अभियंता कार्यालय मुख्य विद्युत निरीक्षक कुमाऊं मंडल
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रामपुर रोड में 29 जुलाई को तड़के कार शो रूम के बाहर गार्ड रूम में करंट फैलने से ओखलकांडा निवासी गार्ड नरेंद्र सिंह नदगली (28) की मौत हो गई थी, जबकि हरीश सिंह (62) झुलसने से घायल हो गए थे। ऊर्जा निगम के ईई (ग्रामीण) अमित आनंद ने बताया कि निर्धारित प्रारूप में जांच मुख्य विद्युत निरीक्षक को भेजी गई है। ईई के अनुसार कार शो रूम स्वामी द्वारा नियम विरुद्ध ट्रांसफार्मर से सटाकर गार्ड हाउस बनाया गया था जिसके कारण हादसा हुआ लिहाजा कार शो रूम स्वामी को भी नोटिस भेजा गया है।
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मुआवजे को लेकर संशय की स्थिति
हल्द्वानी। यूपीसीएल के अधिकारियों के मुताबिक हादसे में किसी की मौत होने अथवा घायल होने पर मुआवजे का प्रावधान तो है लेकिन मुआवजा तभी मिलता है जब हादसे के लिए या तो विभागीय व्यवस्था जिम्मेदार हो या फिर दैवी आपदा की स्थिति हो। किसी भी व्यक्ति की खुद की लापरवाही से होने वाले हादसों में मुआवजे का प्रावधान नहीं होता है। ईई (ग्रामीण) अमित आनंद का कहना है कि कार शो रूम के सामने हुए विद्युत हादसे की जांच के बाद ही मुआवजे पर फैसला लिया जा सकता है।
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कुमाऊं में तीन साल में अस्सी लोग मारे गए
हल्द्वानी। मानवजनित लापरवाहियां विद्युत हादसों का बड़ा कारण है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए न तो शासन-प्रशासन गंभीर है और न ही संबंधित विभाग को चिंता है। इसके कारण हादसे लगातार हो रहे हैं है। निदेशक विद्युत सुरक्षा और मुख्य विद्युत निरीक्षक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार तीन साल में कुमाऊं मंडल में अलग अलग स्थानों पर हुए विद्युत हादसों में 80 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 92 मवेशी भी मारे जा चुके हैं। विद्युत लाइनों से अग्निकांड के भी नौ मामले हो चुके हैं।
कुमाऊं मंडल में तीन साल में हुए हादसे
वर्ष कुल हादसे घातक अघातक अग्निकांड
2015-16 52 34 14 4
2016-17 78 59 17 2
2017-18 81 56 12 3
यूपीसीएल अधिकारी हादसों की सूचना निर्धारित प्रपत्र में भेजते हैं, जिसके बाद हादसों की जांच होती है। जांच में हादसे के कारण और उसके लिए जिम्मेदार कौन से इसे तय किया जाता है। ताकि पीड़ित पक्ष को मुआवजा मिल सके और हादसे के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
-एके कश्यप, अपर सहायक अभियंता कार्यालय मुख्य विद्युत निरीक्षक कुमाऊं मंडल