फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   मृतक आश्रित कोटे से फर्जी कागजात पर नौकरी, मुकदमा दर्ज

मृतक आश्रित कोटे से फर्जी कागजात पर नौकरी, मुकदमा दर्ज

Mon, 26 Nov 2018 01:48 AM IST
Updated Mon, 26 Nov 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
मृतक आश्रित कोटे से फर्जी कागजात पर नौकरी, मुकदमा दर्ज
रिप्पल फर्जावाड़ा
हल्द्वानी। एचएन इंटर कॉलेज की कनिष्ठ लिपिक सीमा अग्रवाल उर्फ सिम्मी पर फर्जी कागजों के सहारे मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की विवेचना मेडिकल चौकी प्रभारी राजेंद्र कुमार कर रहे हैं।
विज्ञापन

एचएन इंटर कॉलेज के प्रबंधक महेश चंद्र बेलवाल ने पुलिस को बताया कि उनके कॉलेज में रामनगर के मोतीमहल बंबाघेर निवासी सीमा अग्रवाल उर्फ सिम्मी पत्नी स्वर्गीय पंकज अग्रवाल की नियुक्ति 27 जून 2017 को मृतक आश्रित कोटे से हुई थी। सिम्मी के पति पंकज की 2013 में मौत हो गई थी। बेलवाल के अनुसार कॉलेज के अध्यापकों और प्राचार्य ने अवगत कराया कि सिम्मी के पास कंप्यूटर डिप्लोमा के कागज तो हैं मगर उन्हें कंप्यूटर का कोई काम नहीं आता है। आरोप है कि काम के लिए दबाव बनाने पर वह प्राचार्य बीएस सावंत से भिड़ गईं। प्रबंधन ने उनके कागजातों की जांच कराई। डिप्लोमा विनोद नगर दिल्ली से बनाया गया था जो जांच में फर्जी पाया गया।
विज्ञापन

प्रबंधक के अनुसार इस मामले में शिकायत करने पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो कॉलेज प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। प्रबंधक के अनुसार कालेज प्रबंधन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर उनकी नियुक्ति की थी। रामनगर के एमपी हिंदू इंटर कालेज में प्रधानाचार्य और शिक्षाधिकारी ने प्रमाणित किया था। कोतवाली पुलिस ने अब धारा 156 (3) के तहत कोर्ट के निर्देश पर सीमा अग्रवाल के खिलाफ धारा 420, 467, 68, 71 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सारे नियमों को किया गया दरकिनार : प्रधानाचार्य
हल्द्वानी। एचएन स्कूल के प्रधानाचार्य बीएस सावंत का आरोप है कि सिम्मी की नियुक्ति ही नियमों को दरकिनार कर की गई। उनके पति रामनगर एमपी हिंदू इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। पति की मौत के बाद नियमानुसार उनकी नियुक्ति उसी कॉलेज में होनी चाहिए थी लेकिन सिफारिश के आधार पर वह यहां आ गईं। प्रधानाचार्य का आरोप है कि विभागीय कार्य के लिए निर्देश देने पर वह धमकी देती थीं। उन्होंने अध्यापकों को भी परेशान कर रखा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed