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बंद कमरे में मिला अधजला शव
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- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। बेरीपड़ाव में बंद कमरे में अवसाद ग्रस्त मनोज सुयाल की आग से जलने के कारण मौत हो गई। परिवार के लोगों ने शनिवार की सुबह कमरे से उसका अधजला शव बाहर निकाला। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला कि कमरे के अंदर कूड़ा जलने और दम घुटने से उसकी मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि मनोज की मानसिक हालत को खराब देखकर उसकी पत्नी बेटी को लेकर करीब तीन साल पहले चली गई थी।
मनोज सुयाल अलग कमरे में रहता था। मानसिक रोगी होने के कारण उसने कमरे में कूड़ा, प्लास्टिक इकट्ठा किया था। गांव में किसी से मांगकर वह खाना खाता था। दो छोटे भाई प्रमोद सुयाल और मोहन सुयाल उससे ज्यादा मतलब नहीं रखते थे। शनिवार की सुबह मौत की सूचना मिलने पर मंडी चौकी के उपनिरीक्षक दिलवर भंडारी मौके पर पहुंचे। मनोज के सिर और हाथ का भाग जला हुआ था। बगल में कूड़ा, प्लास्टिक जले थे। प्रमोद सुयाल ने पुलिस को बताया कि वह दुकान खोलने के लिए पहुंचा तो बड़े भाई का कमरा बंद पड़ा था। अंदर से गंध भी निकल रही थी। बंद कमरे में जलने और दम घुटने से उनकी मौत हुई है। मनोज की पहली पत्नी से नौ साल एक बेटी पैदा होने के बाद करीब पांच साल पहले तलाक हो गया था। इसी समय से उनकी मानसिक हालत बिगड़ गई। मानसिक हालत ठीक होने पर तीन साल पहले उसने रेखा सुयाल से शादी की थी, लेकिन फिर पति की हालत कुछ दिन बाद बिगड़ने लगी। पति की हालत देखते हुए पत्नी नौ साल की बेटी को लेकर अन्यत्र चली गई। मनोज तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पुलिस कयास लगा रही है कि बीड़ी पीने के बाद उसने कूड़े में फेंक दिया होगा। शायद इसी कारण आग लगने से उसका दम घुटा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
कमरे में जलने से अवसाद ग्रस्त व्यक्ति ने दम तोड़ा
बंद कमरे से मिला अधजला शव, तीन साल पहले पत्नी और बेटी साथ छोड़कर चली गई थी
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मनोज सुयाल अलग कमरे में रहता था। मानसिक रोगी होने के कारण उसने कमरे में कूड़ा, प्लास्टिक इकट्ठा किया था। गांव में किसी से मांगकर वह खाना खाता था। दो छोटे भाई प्रमोद सुयाल और मोहन सुयाल उससे ज्यादा मतलब नहीं रखते थे। शनिवार की सुबह मौत की सूचना मिलने पर मंडी चौकी के उपनिरीक्षक दिलवर भंडारी मौके पर पहुंचे। मनोज के सिर और हाथ का भाग जला हुआ था। बगल में कूड़ा, प्लास्टिक जले थे। प्रमोद सुयाल ने पुलिस को बताया कि वह दुकान खोलने के लिए पहुंचा तो बड़े भाई का कमरा बंद पड़ा था। अंदर से गंध भी निकल रही थी। बंद कमरे में जलने और दम घुटने से उनकी मौत हुई है। मनोज की पहली पत्नी से नौ साल एक बेटी पैदा होने के बाद करीब पांच साल पहले तलाक हो गया था। इसी समय से उनकी मानसिक हालत बिगड़ गई। मानसिक हालत ठीक होने पर तीन साल पहले उसने रेखा सुयाल से शादी की थी, लेकिन फिर पति की हालत कुछ दिन बाद बिगड़ने लगी। पति की हालत देखते हुए पत्नी नौ साल की बेटी को लेकर अन्यत्र चली गई। मनोज तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पुलिस कयास लगा रही है कि बीड़ी पीने के बाद उसने कूड़े में फेंक दिया होगा। शायद इसी कारण आग लगने से उसका दम घुटा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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कमरे में जलने से अवसाद ग्रस्त व्यक्ति ने दम तोड़ा
बंद कमरे से मिला अधजला शव, तीन साल पहले पत्नी और बेटी साथ छोड़कर चली गई थी