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गौला मजदूर के झाले में लगी आग, 16 दिन के मासूम की मौत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Apr 2019 02:19 AM IST
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गौला मजदूर के झाले में लगी आग, 16 दिन के मासूम की मौत
हल्दूचौड़ (नैनीताल)। गौला नदी के बेरीपड़ाव खनन निकासी गेट पर स्थित दो मजदूरों की झोपड़ियों में शनिवार सुबह दस बजे अज्ञात कारणों के चलते अचानक आग लग गई। इससे एक मजदूर की झोपड़ी में सोये 16 दिन के मासूम की जलकर मौत हो गई। अग्निकांड में दोनों मजदूरों की झोपड़ियां और अंदर रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग लगते ही आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और आग बुझाने में जुट गए। सूचना के करीब आधे घंटे बाद सेंचुरी और हल्द्वानी से आए फायरब्रिगेड कर्मियों ने आग पर काबू पाया। हादसे के बाद दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
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मूल रूप से खुशीनगर गोरखपुर निवासी मनोज पाल (35) पुत्र अग्नू पाल पत्नी रूबी देवी (30), चार वर्षीय मोनू, 6 वर्षीय सोनू और 16 दिन के मासूम राजा के साथ निकासी गेट पर झोपड़ी बनाकर नौ वर्षों से रह रहा है। मनोज पाल रोज की तरह शनिवार को भी गौला में मजदूरी करने गया। इस दौरान उसकी पत्नी रूबी तीनों बच्चों को घर पर छोड़कर पानी लेने पास स्थित टंकी पर गई थी। उसके दोनों बच्चे मोनू और सोनू बाहर खेल रहे थे, जबकि राजा झोपड़ी के अंदर सोया था। सुबह करीब दस बजे उसकी झोपड़ी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने पास स्थित सुखमनिया (70) पत्नी स्वर्गीय राम भजन की झोपड़ी को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस समय सुखमनिया बकरियों को चराने के लिए जंगल गई थी।
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झोपड़ी में आग लगते ही मोनू और सोनू चिल्लाने लगे। इस बीच गौला डंपर के चालक राधे जोशी एवं विजय वहां से गुजर रहे थे, उन्होंने आग लगी देखी तो वाहन रोककर दोनों बच्चों को आग से बचाया। हालांकि उन्हें इस बात का कतई आभास नहीं था कि अंदर एक बच्चा सोया है। इसके बाद आसपास के मजदूर भी मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने में जुट गए। उन्होंने अग्निकांड की सूचना फायरब्रिगेड को दी। साढ़े दस बजे हल्द्वानी और सेंचुरी मिल से एक-एक वाहन फायरब्रिगेड के मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने आधे घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। इसके बाद मनोज पाल की पत्नी रूबी देवी पानी लेकर वापस पहुंची तो आग लगी देख बदहवास हो गई। उसने बताया कि अंदर उसका 16 दिन का मासूम बच्चा सोया था। अंदर जाकर देखा तो मासूम की मौत हो चुकी थी। साथ ही दोनों झोपड़ियों में रखा सारा सामान कपड़े, बिस्तर, राशन, साइकिल सब कुछ जलकर राख हो गया था।
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घटना के बाद विधायक नवीन दुम्का ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं, चौकी इंचार्ज विमल कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पोस्टमार्टम कराकर बच्चे का शव परिजनों को सौंपा। चौकी प्रभारी ने बताया कि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया होता तो आसपास स्थित झोपड़ियां भी आग की चपेट में आ जाती।

गौला मजदूर के झाले में लगी आग, 16 दिन के मासूम की मौत
हादसे के वक्त पत्नी पानी लेने और मजदूर गौला में मजदूरी करने गया था
घर पर मासूम समेत तीन बच्चे थे, दो डंपर चालकों ने दो बच्चों को बचाया

वृद्धा पेंशन तक नहीं मिलती : सुखमनिया
70 वर्षीय सुखमनिया ने बताया कि वह 40 वर्षों से यहां रह रही है। उसकी पूरा जीवन यही पर बीता, बच्चों की शादी भी यही से की। कुछ वर्ष पहले पति की मौत हो गई। बेटा अपने परिवार के साथ यही पर अलग रहता है। वह बकरियां पालकर एवं मजदूरी कर जीवनयापन करती है। सरकार से अब तक उन्हें वृद्धा पेंशन तक नहीं मिली। हालांकि वह इस बाबत ग्राम प्रधान के पास कई बार जा चुकी है। हर बार उन्हें यही कहा जाता है कि वह वन भूमि में रहते हैं। उनका अब तक राशन कार्ड तक नहीं बना है।


2016-17 में हुए अग्निकांड की याद ताजा हुई
बेरीपडाव गौला उपखनिज निकासी गेट के पास बनी मजदूर बस्ती में करीब 40-50 मजदूर रहते हैं। 3 मई 2016 में भी यहां भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसमें दर्जन भर से अधिक झाले जल गए थे। इसी तरह मार्च 2017 में भी यहां भीषण अग्निकांड हुआ था। बावजूद इसके इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। हादसे के बाद हर बार नेता, मंत्री आते हैं और कोरे आश्वासन देकर चले जाते हैं। 2016 में जह यहां भीषण अग्निकांड हुआ था तब तत्कालीन श्रममंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने यहां पहुंचकर मजदूरों के लिए अस्थायी रूप से टिनशेड बनाकर देने का वादा किया गया, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ।


यहां कई राज्यों के मजदूराें की झोपड़ियां हैं
गौला में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले मजदूर मूल रूप से झारखंड, यूपी, बिहार के हैं। यह मजदूर वर्षों से बेरीपड़ाव, मोटाहल्दू, हल्दूचौड़, गोरापड़ाव खनन निकासी गेट पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से यहां लगभग हर वर्ष अग्निकांड होता रहता है।



अग्निकांड पीड़ितों की मदद की
हल्द्वानी/हल्दूचौड़। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने हल्दूचौड़ में हुए अग्निकांड का निरीक्षण किया। एसडीएम विजय नाथ शुक्ला ने मासूम की मौत पर गहरा दुख जताया। कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रसोई में जलते चूल्हे से आग लगी है। उन्होंने बताया कि अग्निकांड प्रभावितों के रहने, भोजन आदि की व्यवस्था प्रशासन द्वारा करा दी गई है। मुआवजा मिलेगा या नहीं यह जांच पूरी होने के बाद ही कहा जा सकेगा। उधर, दुर्गापालपुर परमा के प्रधान संजय राणा ने घटना स्थल पर पहुंच कर मजदूर की पत्नी रूबी देवी को दो हजार रुपये की तात्कालिक मदद की।
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