फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   एक और पूर्व सैनिक को मिली 15 साल बाद पेंशन

एक और पूर्व सैनिक को मिली 15 साल बाद पेंशन

Sat, 28 Apr 2018 02:12 AM IST
Updated Sat, 28 Apr 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
एक और पूर्व सैनिक को मिली 15 साल बाद पेंशन
हल्द्वानी। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के प्रयास से एक और पूर्व सैनिक को 15 साल बाद पूरी पेंशन का हक मिला है।
विज्ञापन

घूसापुर चोरगलिया निवासी राजेंद्र सिंह 19 दिसंबर 1977 में 7 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। सिक्किम में तैनाती के दौरान राजेंद्र की तबियत खराब हो गई। डॉक्टरों के इलाज के बावजूद फौजी की हालत में सुधार नहीं हो सका। 27 मार्च 1981 को सेना ने अनफिट घोषित करते हुए सेना के अधिकारियों ने सिपाही को विभाग से डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद सिपाही को साधारण पेंशन मिलने लगी। सिपाही को वन रैंक वन पेंशन के तहत एरियर और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही थीं। इस मामले में उसने बैंक आफ बड़ौदा के अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन कोई लाभ नहीं मिल सका। पिछले साल सिपाही ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर बीएस रौतेला से संपर्क किया। मेजर ने इस मामले में बैंक के अधिकारियों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा। काफी प्रयास के बाद विभाग से पूरी पेंशन के साथ साथ एरियर भुगतान करने का आदेश मिला। बैंक अब 2003 से पूरी पेंशन के साथ एरियर प्रदान करेगा। पूर्व सैनिक का कहना था कि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने पेंशन दिलाने के लिए अपना श्रम ही नहीं धन भी खर्च किया।


बैंक अधिकारियों के भ्रम को लेकर सवाल
पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों के भ्रम में होने के कारण पेंशन की राशि में गड़बड़ी हुई है। राजेंद्र सिंह की तरह रमेश चंद्र चंदौला के अलावा कई दिव्यांग सैनिकों की पेंशन बैंक अधिकारियों के चलते वर्षों से रुकी थी। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के प्रयास से पूर्व सैनिकों को उनका हक मिल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed