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ऑनलाइन गाड़ी बेचने के नाम पर ठगे 50 हजार
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नैनीताल। ऑनलाइन गाड़ी बेचने के नाम पर नगर के एक युवक से ठग ने करीब 50 हजार रुपये ठग लिये। पीड़ित को ठगी का अंदाजा तब हुआ जब आरोपी का नंबर बंद आने लगा। सोमवार को मामले में पीड़ित ने पुलिस को शिकायती पत्र सौंप कार्रवाई की मांग की।
शेरवानी लॉज कंपाउंड निवासी धीरज कुमार ने बताया कि बीते 17 मई को एक ऑनलाइन शॉपिंग एप पर अल्टो कार बेचने की जानकारी डाली गई।
कार खरीदने के लिए उन्होंने एप पर मिले फोन नंबर पर संपर्क किया। नंबर पर ठग ने उन्हें बताया कि यह कार उसके साले की है जोकि उत्तराखंड का ही निवासी है। धीरज ने बताया कि उस व्यक्ति ने खुद को सेना का जवान बताते हुए अहमदाबाद से हल्द्वानी गाड़ी ट्रांसपोर्ट से भिजवाने की बात कही। इसमें 14 हजार रुपये का खर्च बताया। ठग ने कहा कि गाड़ी भेजने में आने वाले खर्च का आधा खर्च सात हजार रुपये वह दे देगा जबकि सात हजार रुपये धीरज को देने होंगे। जिस पर धीरज ने पेटीएम से सात हजार की राशि उससे खाते में डाल दी। दूसरे दिन उस व्यक्ति ने ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर ही और पैसों की मांग की तो उसने 12999 रुपये गूगल पे से उस व्यक्ति के खाते में भेज दिये। बाद में ठग ने गाड़ी में लगे जीपीएस और कैमरे को चालू कराने के लिए 24,998 रुपयों की मांग की। उन्होंने यह पैसा भी गूगल पे के माध्यम से उसके खाते में डाल दिया। धीरज ने बताया कि पैसे डालने के बाद ठग का मोबाइल बंद हो गया। उसने कोतवाली में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
ऑनलाइन गाड़ी बेचने के नाम पर ठगे 50 हजार
सेना में सिपाही बताकर ठग ने दिया घटना को अंजाम
गूगल, पेटीएम से कई किस्तों में पीड़ित ने दे दिये 50 हजार
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शेरवानी लॉज कंपाउंड निवासी धीरज कुमार ने बताया कि बीते 17 मई को एक ऑनलाइन शॉपिंग एप पर अल्टो कार बेचने की जानकारी डाली गई।
कार खरीदने के लिए उन्होंने एप पर मिले फोन नंबर पर संपर्क किया। नंबर पर ठग ने उन्हें बताया कि यह कार उसके साले की है जोकि उत्तराखंड का ही निवासी है। धीरज ने बताया कि उस व्यक्ति ने खुद को सेना का जवान बताते हुए अहमदाबाद से हल्द्वानी गाड़ी ट्रांसपोर्ट से भिजवाने की बात कही। इसमें 14 हजार रुपये का खर्च बताया। ठग ने कहा कि गाड़ी भेजने में आने वाले खर्च का आधा खर्च सात हजार रुपये वह दे देगा जबकि सात हजार रुपये धीरज को देने होंगे। जिस पर धीरज ने पेटीएम से सात हजार की राशि उससे खाते में डाल दी। दूसरे दिन उस व्यक्ति ने ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर ही और पैसों की मांग की तो उसने 12999 रुपये गूगल पे से उस व्यक्ति के खाते में भेज दिये। बाद में ठग ने गाड़ी में लगे जीपीएस और कैमरे को चालू कराने के लिए 24,998 रुपयों की मांग की। उन्होंने यह पैसा भी गूगल पे के माध्यम से उसके खाते में डाल दिया। धीरज ने बताया कि पैसे डालने के बाद ठग का मोबाइल बंद हो गया। उसने कोतवाली में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
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सेना में सिपाही बताकर ठग ने दिया घटना को अंजाम
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