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बर्खास्त प्रधानाचार्य ने 21 साल की नौकरी
Updated Thu, 22 Feb 2018 02:36 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। राजकीय प्राथमिक विद्यालय थारी के प्रधानाध्यापक नरेश निवासी बाजपुर भुड़ियाकला ऊधमसिंह नगर ने मुरादाबाद निवासी रामकिशोर के फर्जी दस्तावेज लगाकर 21 साल तक नौकरी की। मिलक सिविल लाइन मुरादाबाद निवासी अख्तर हुसैन रिजवी ने जब आरटीआई के तहत जब जानकारी मांगी तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
एसआईटी की जांच के बाद अब नरेश को बर्खास्त कर दिया गया है।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी निर्मला बोरा ने बताया कि नरेश की पहली नियुक्ति 25 अप्रैल 1996 को अल्मोड़ा जिले में हुई थी। उसके बाद 21 अगस्त 2002 को प्राथमिक विद्यालय बेरियानवीन रामनगर में स्थानांतरण के बाद आया। इसके बाद वह 8 मई 2012 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय थारी में प्रमोशन हो प्रधानाध्यापक बन गया। आरटीआई लगने के बाद विभाग के साथ ही एसआईटी ने भी जांच की। फिलहाल नरेश को बर्खास्त करने के साथ ही उसके वेतन पर भी रोक लगा दी गई है।
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एसआईटी की जांच के बाद अब नरेश को बर्खास्त कर दिया गया है।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी निर्मला बोरा ने बताया कि नरेश की पहली नियुक्ति 25 अप्रैल 1996 को अल्मोड़ा जिले में हुई थी। उसके बाद 21 अगस्त 2002 को प्राथमिक विद्यालय बेरियानवीन रामनगर में स्थानांतरण के बाद आया। इसके बाद वह 8 मई 2012 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय थारी में प्रमोशन हो प्रधानाध्यापक बन गया। आरटीआई लगने के बाद विभाग के साथ ही एसआईटी ने भी जांच की। फिलहाल नरेश को बर्खास्त करने के साथ ही उसके वेतन पर भी रोक लगा दी गई है।
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