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कालाढूंगी कांड में 56 आरोपी हाईकोर्ट से बरी

Tue, 20 Feb 2018 02:17 AM IST
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:17 AM IST
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कालाढूंगी कांड में 56 आरोपी हाईकोर्ट से बरी
नैनीताल। कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले कालाढूंगी कांड में थाना फूंकने, पुलिस कर्मी की हत्या करने समेत कई आरोपों से घिरे 56 अभियुक्तों को नैनीताल हाइकोर्ट ने बरी कर दिया है। इनमें बलवा करने के आरोपियों के साथ हत्या के साक्ष्य मिटाने के आरोपी तत्कालीन एसओ और सीओ रामनगर हरीश सती के गार्ड की कार्बाइन छीनने की कोशिश की। वारदात के बाद पुलिस की कार्बाइन छीनने के आरोपी भी शामिल हैं। 22 अगस्त 2009 की रात कोटाबाग के ब्लॉक प्रमुख और ब्लॉक प्रमुख संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बलवंत कन्याल की थाने के गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे नाराज बलवंत समर्थकों ने अगले दिन थाने पर हमला बोलकर थाना फूंका और पुलिसकर्मी पूरन लाल को मार डाला था। उपद्रवियों ने कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया था।
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वारदात के बाद पुलिस ने उपद्रवियों पर हत्या, लूट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। तत्कालीन एसओ रामकिशोर सकलानी पर थाने से खून साफ कर सबूत मिटाने का केस दर्ज किया गया। हत्या और थाना फूंकने समेत कई धाराओं में बलवंत की ताई खीमा देवी, किशोर सिंह, खुशाल सिंह, मां कलावती देवी, बहन इंद्रा देवी समेत 56 लोगों के खिलाफ कालाढूंगी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। इससे पहले अदालत अपना फैसला सुुनाती तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने मुकदमा वापस लेने की पहल कर दी। सरकार ने मुकदमे वापस ले लिए। इस पर प्रथम अपर जिला जज हल्द्वानी की कोर्ट ने पिछले साल सरकार के फैसले को नियम विरुद्ध करार दे दिया। कोर्ट ने सरकार की मुकदमा वापस लेने की पहल को खारिज कर दिया। ऐसे में आरोपियों ने हाइकोर्ट में अपील की। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के सामने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम सिंह संभल ने पक्ष रखा। अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि आरोपियों पर पुलिस ने गैंगेस्टर लगा दिया, जबकि लोग ब्लॉक प्रमुख की हत्या से आक्रोशित थे। हाइकोर्ट ने सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद सरकार के फैसले को सही मानते हुए राज्य सरकार के मुकदमा वापसी को सही करार देते हुए 56 आरोपियों को बरी कर दिया है।
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भाजपा सरकार ने वापस लिया था मुकदमा, प्रथम जिला जज हल्द्वानी की कोर्ट ने फैसले को बताया था नियम विरुद्ध
ब्लॉक प्रमुख हत्याकांड के बाद उपद्रवियों ने थाना फूंक दिया था और एक पुलिस कर्मी को पीट-पीटकर मार डाला था

ऐसे फैली थी आग
1 : 22 अगस्त 2009 की देर रात कालाढूंगी थाने के गेट पर ब्लाक प्रमुख कन्याल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
2 : ब्लाक प्रमुख कन्याल की हत्या की खबर सुनते ही उनके समर्थक मौके पर पहुंच गए।
3 : रविवार सुबह से ही कन्याल समर्थकों का गुस्सा उफान पर था, उन्होंने जीप में आग लगा दी।
4 : उपद्रवी तत्वों ने कई वाहनों में आग लगा दी और कालढूंगी थाने को भी फूंक दिया।
5 : हेड कांस्टेबल पूरन को पत्थरों से कूच-कूचकर उपद्रवियों ने मार डाला, अन्य पुलिस कर्मियों को भी पीटा।
6: कालाढूंगी में भारी उपद्रव के बाद वहां बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए।
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