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वन विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए दिनभर किया मंथन
Updated Fri, 15 Dec 2017 02:06 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। वन विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए बृहस्पतिवार को दिनभर मंथन किया। बैठक में तय हुआ कि कोसी से उपखनिज निकासी के टोकन दो-दो घंटे ही मिलेंगे। गेट से अंदर जितने वाहन खराब होंगे, उतने कम टोकन जारी किए जाएंगे ताकि वन विभाग को गेट से अंदर बचे वाहनों की संख्या पता रहे।
वन परिसर में हुई बैठक में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों से अवैध खनन रोकने पर चर्चा की। बताया गया कि चोर रास्तों को पूर्णत: बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद अगर कोई वाहन चोर रास्ते पर मिला तो उसके वाहन का परमिट जब्त कर गाड़ी को निकासी के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। बैठक में तय हुआ कि कोसी नदी से उपखनिज निकासी के लिए सुबह सात बजे से नौ बजे तक पहली पाली के टोकन काटे जाएंगे। यह वाहन नौ बजे से 12 बजे तक माल लेकर लौटेंगे। शाम की पाली के लिए 12 बजे से दो बजे तक टोकन कटेंगे। यह वाहन शाम पांच बजे तक हर हाल में बाहर आ जाएंगे। यदि कोई वाहन गेट से अंदर खराब होता है, तो उनकी संख्या के बराबर वाहन बाहर रोक दिए जाएंगे। दावे की पुष्टि के लिए खराब वाहनों की जांच की जाएगी। निकासी वालेे सात गेटों पर चार बजे से निकासी की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। शाम पांच बजे के बाद कांटों के आगे बैरियर लगा दिया जाएगा।
जितने वाहन नदी में खराब होंगे, उतने टोकन कम मिलेंगे
वन विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए दिनभर मंथन किया
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वन परिसर में हुई बैठक में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों से अवैध खनन रोकने पर चर्चा की। बताया गया कि चोर रास्तों को पूर्णत: बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद अगर कोई वाहन चोर रास्ते पर मिला तो उसके वाहन का परमिट जब्त कर गाड़ी को निकासी के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। बैठक में तय हुआ कि कोसी नदी से उपखनिज निकासी के लिए सुबह सात बजे से नौ बजे तक पहली पाली के टोकन काटे जाएंगे। यह वाहन नौ बजे से 12 बजे तक माल लेकर लौटेंगे। शाम की पाली के लिए 12 बजे से दो बजे तक टोकन कटेंगे। यह वाहन शाम पांच बजे तक हर हाल में बाहर आ जाएंगे। यदि कोई वाहन गेट से अंदर खराब होता है, तो उनकी संख्या के बराबर वाहन बाहर रोक दिए जाएंगे। दावे की पुष्टि के लिए खराब वाहनों की जांच की जाएगी। निकासी वालेे सात गेटों पर चार बजे से निकासी की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। शाम पांच बजे के बाद कांटों के आगे बैरियर लगा दिया जाएगा।
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जितने वाहन नदी में खराब होंगे, उतने टोकन कम मिलेंगे
वन विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए दिनभर मंथन किया