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तराई पश्चिमी वन प्रभाग में लगी डीएफओ की कोर्ट
Updated Fri, 29 Sep 2017 02:03 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ ने वन अपराध में जब्त चार वाहनों को राजकीय संपत्ति कर घोषित कर दिया, जबकि स्वामियों से 15 लाख रुपये से अधिक का दंड वसूलकर 32 छोटे, बड़े वाहनों को छोड़ दिया गया।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह ने बताया कि अवैध खनन आदि वन अपराधों में जब्त वाहनों को छुड़ाने के लिए लंबे समय से सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसलिए बृहस्पतिवार को कोर्ट लगाई गई। इसके लिए कुल 40 शिकायतें लंबित थीं, जिसमें चार वाहनों को राजकीय संपत्ति घोषित कर दिया। इनमें दो डंपर, दो छोटा हाथी शामिल थे जबकि 27 वाहनों के स्वामियों पर 15 लाख से अधिक का आर्थिक दंड लगा छोड़ दिया गया। इनमें को जिसमें सात मोटरसाइकिल, 19 ट्रैक्टर ट्रॉली, पांच डंपर, छह छोटा हाथी, दो पिकप जीप, एक जेसीबी शामिल है। आठ वाहन स्वामी सुनवाई के लिए नहीं आए जबकि चार वाहन स्वामियों की सुनवाई के लिए अगली तारीख लगा दी गई है। सिंह ने बताया कि अगर छोड़े गए वाहन दोबारा वन अपराध में पकड़े गए तो उन्हें भी राजकीय संपत्ति घोषित कर दिया जाएगा।
32 वाहन स्वामियों पर 15 लाख से अधिक का जुर्माना ठोका
तराई पश्चिमी वन प्रभाग में लगी डीएफओ की कोर्ट
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तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ डीके सिंह ने बताया कि अवैध खनन आदि वन अपराधों में जब्त वाहनों को छुड़ाने के लिए लंबे समय से सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसलिए बृहस्पतिवार को कोर्ट लगाई गई। इसके लिए कुल 40 शिकायतें लंबित थीं, जिसमें चार वाहनों को राजकीय संपत्ति घोषित कर दिया। इनमें दो डंपर, दो छोटा हाथी शामिल थे जबकि 27 वाहनों के स्वामियों पर 15 लाख से अधिक का आर्थिक दंड लगा छोड़ दिया गया। इनमें को जिसमें सात मोटरसाइकिल, 19 ट्रैक्टर ट्रॉली, पांच डंपर, छह छोटा हाथी, दो पिकप जीप, एक जेसीबी शामिल है। आठ वाहन स्वामी सुनवाई के लिए नहीं आए जबकि चार वाहन स्वामियों की सुनवाई के लिए अगली तारीख लगा दी गई है। सिंह ने बताया कि अगर छोड़े गए वाहन दोबारा वन अपराध में पकड़े गए तो उन्हें भी राजकीय संपत्ति घोषित कर दिया जाएगा।
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