हल्द्वानी। कई सालों से मेडिकल चौकी और पोस्टमार्टम में रखे विसरा को नष्ट किया जाएगा। विसरा की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने फैसला किया है। पुलिस ने विसरा नष्ट करने के लिए कानूनी पेचीदगी सुलझाना शुरू कर दिया है। पुलिस के मुताबिक राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएससी) का एसटीएच कुमाऊं का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। इस अस्पताल में हर साल कुमाऊं समेत यूपी के रामपुर, मुरादाबाद, बरेली के सैकड़ों घायल, जहर खाए मरीज और शव लाए जाते हैं। शव विच्छेदन होने पर इनका विसरा पोस्टमार्टम हाउस, मेडिकल चौकी में सुरक्षित रखा जाता है। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार मेडिकल चौकी पुलिस विसरे से संबंधित जिले, थाने की पुलिस को सूचना देती है लेकिन वहां की पुलिस विसरा लेने नहीं आती है। इस तरह इंतजार में सालों लग जाते हैं, वहीं किसी मौत की पुलिस जांच करे जाए तो विसरा का इस्तेमाल होता है नहीं तो रखा रहता है। नतीजा, पिछले कई सालों से दोनों जगहों पर 1,000 से 1,200 विसरा रखे हैं। कई साल पुराने होने की वजह से बदबू आती है। नए विसरा रखने में समस्या हो रही है। इधर पुलिस तीन साल से पुराने विसरा को नष्ट करने की तैयारी कर रही है। कानूनी सलाह के बाद पुलिस विसरा नष्ट करेगी। मेडिकल चौकी प्रभारी हरेंद्र नेगी ने बताया कि कुछ विसरे सालों से रखे हैं। इनका कोई वाद लंबित नहीं है, ऐसे विसरे को नष्ट किया जाएगा। फिलहाल विसरा नष्ट करने के लिए कानूनी परामर्श लिया जा रहा है।