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स्कूल वैन में मासूम छात्रा से दुष्कर्म

Fri, 21 Sep 2018 03:52 AM IST
Updated Fri, 21 Sep 2018 03:52 AM IST
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स्कूल वैन में मासूम छात्रा से दुष्कर्म
हल्द्वानी। शहर के एक स्कूल में नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची के साथ स्कूल वैन में दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुष्कर्म का आरोप किसी और पर नहीं बल्कि स्कूल वैन के चालक और परिचालक पर ही है। दर्द उठने पर मां जब बच्ची को डॉक्टर के पास ले गई तब मामला सामाजिक कार्यकर्ताओं से होकर पुलिस तक पहुंचा।
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आरोप है कि स्कूल प्रबंधन इतना गंभीर मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई की बजाय इसे मैनेज करने में लगा रहा। गरीब मां-बाप को न जाने किसने क्या घुट्टी पिलाई कि वह सामाजिक कार्यकर्ताओं और पुलिस के समझाने पर भी रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार नहीं हो रहे थे। बहुत समझाने पर भी माता-पिता केवल मारपीट की तहरीर देने की बात कह रहे थे। दुष्कर्म की शिकार बच्ची चार दिन से स्कूल नहीं गई है। देर रात इस मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता की तहरीर पर पुलिस ने चालक-परिचालक के खिलाफ धारा 354 और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कराया। पुलिस का कहना है कि बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट आने पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
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बताया जा रहा है कि गौलापार इलाके में रहने वाली करीब साढ़े चार साल की मासूम के साथ स्कूल के वैन चालक-परिचालक यह घिनौनी हरकत पखवाड़े भर से कर रहे थे। बच्चों को छोड़ते हुए जब वैन अंतिम छोर पर मासूम के घर तक पहुंचती उस वक्त वह वैन में अकेली होती थी। इसी का फायदा उठाकर चालक-परिचालक बच्ची के नाजुक अंगों से छेड़छाड़ करते थे। 17 सितंबर को बच्ची दर्द से छटपटाने लगी तो मां उसको डॉक्टर के पास ले गई। डॉक्टर बच्ची का परीक्षण करते ही मामला समझ गई। पूछताछ में बच्ची अपनी समझ से जो बता सकी, उससे भी साफ हुआ कि उसके नाजुक अंगों के साथ छेड़छाड़ की जाती थी। डॉक्टर ने इस बात की पुष्टि भी की है।
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डॉक्टर के जरिये यह बात एक सामाजिक कार्यकर्ता को पता चली तो उसने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्ची से पूछताछ और वैन की शिनाख्त कराने के बाद उसके चालक-परिचालक को हिरासत में ले लिया। इस बीच किसी तरह यह बात मीडिया को पता चली तो काठगोदाम थाने में मजमा लगने लगा। पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को थाने बुलाकर उनसे तहरीर देने को कहा लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। पुलिस और अन्य लोग कयास लगा रहे थे कि मासूम के माता- पिता पर खामोश रहने के लिए भारी दबाव डाला गया है। घंटों की मशक्कत के बाद पिता ने केवल बच्ची को पीटे जाने की तहरीर पुलिस को दी। शाम के समय सामाजिक कार्यकर्ता कैप्टन अनिल गुप्ता ने पुलिस को तहरीर दी। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। घटना की जानकारी लेने के लिए रात में एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल भी थाने पहुंचे।

इस मामले में धारा 354, पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बच्ची का मेडिकल मुआयना पुलिस ने कराया है। मेडिकल रिपोर्ट मिलने पर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।- कमाल हसन, थानाध्यक्ष काठगोदाम

मामला दबाने में लगा रहा स्कूल प्रबंधन
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला प्रबंधन के संज्ञान में था। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। हद तो ये है कि वैन चालक-परिचालक को हिरासत में लिए जाने के बाद स्कूल प्रबंधन उनकी पैरवी के लिए पुलिस के पास भी पहुंच गया, हालांकि मीडिया के आने पर थाने से खिसक लिया।

माता-पिता के सुर बदले
दो दिन पहले अस्पताल में बेटी के साथ दुष्कर्म की बात सुनकर रोने वाले माता-पिता का थाने में सुर बदल गया। वे कहने लगे कि बेटी के साथ मारपीट हुई है। पुलिस भी माता-पिता और उसके चाचा की बातों को सुनकर हैरत में पड़ गई। थाने में स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग आए थे। इस बीच उपनिरीक्षक लता बिष्ट ने उनको डांटकर भगाया और ऐसे मामले में पैरवी करने पर लानत दी।

चालक के परिजनों ने थाने में किया हंगामा
हिरासत में लिए गए चालक के परिजनों ने थाने में हंगामा खड़ा कर दिया। चालक की पत्नी का कहना था कि उसके पति काफी सीधे हैं। उनको फंसाया जा रहा है। पुलिस का कहना था कि अभी चालक या परिचालक को गिरफ्तार नहीं किया गया है। जांच में सही मिलने पर उनका फैसला किया जाएगा। पुलिस ने भीड़ को समझा बुझाकर शांत किया।


मामला दबाने का आरोप गलत : स्कूल प्रबंधक
बुधवार शाम हमारे पास पुलिस आई थी। पुलिस ने बच्ची से छेड़छाड़ का मामला सामने आने की बात बताते हुए कर्मचारियों की फोटो दिखाने को कहा था। कर्मचारियों के फोटो देखने और उनके पते लेने के बाद पुलिस चली गई। मामला दबाने का आरोप गलत है। हमने तो आरोपियों को पकड़वाने में मदद की। हम पीड़ित परिवार के साथ हैं।- स्कूल प्रबंधक।



पखवाड़े भर से चालक-परिचालक कर रहे घिनौनी हरकत
दर्द उठने पर डॉक्टर के पास ले गई मां तो खुला मामला
मैनेज हुए बच्ची के मां-बाप भी मुंह खोलने को तैयार नहीं
सामाजिक कार्यकर्ता की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
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