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बंद कमरे में मिला बागेश्वर के सिपाही का सड़ा गला शव
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:19 AM IST
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चंद्र प्रकाश की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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भीमताल (नैनीताल)। डांठ स्थित साकेत कालोनी में किराए के कमरे में भीमताल थाने में तैनात बागेश्वर निवासी सिपाही का सड़ा गला शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मकान मालिक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सिपाही का शव पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है। सिपाही की पत्नी दो बच्चों के साथ दमुवाढूंगा हल्द्वानी में रहती है।
मूल रूप से जाखनी कमेड़ीदानी थाना कांडा जिला बागेश्वर निवासी सिपाही चंद्र प्रकाश (36) पुत्र स्व. डीआर आर्या एक माह पहले रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर से ट्रांसफर होकर भीमताल थाने में तैनात हुआ था। डांठ के साकेत कालोनी में सदानंद सुयाल के यहां उसने किराये पर कमरा लिया था। मकान मालिक सदानंद सुयाल ने बताया कि चंद्र प्रकाश ने 26 मई को अपना सामान कमरे में रखा था। 30 मई से यहां रह रहा था।
31 मई को चंद्र प्रकाश ने शाम की ड्यूटी के चलते रात को गेट खुला रखने की बात बोली थी। इसलिए उन्होंने रात को गेट खुला छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने सिपाही के कमरे में जाकर नहीं देखा कि वह आया है कि नहीं। शनिवार दोपहर जब कमरे से बहुत ज्यादा दुर्गंध मकान में फैलने लगी तो उन्होंने कमरे के पास सिपाही को पुकारा गया। कोई आवाज नहीं आने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे सीओ आरएस नबियाल, एसओ डीआर आर्या पुलिस टीम के साथ जाली काटकर अंदर घुसे।
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कमरे के अंदर चारपाई पर सिपाही का शव सड़ी-गली हालत में पड़ा था। सिपाही का मुंह, गर्दन और हाथ पूरा नीला पड़ा हुआ था। गर्दन में बड़े-बड़े फोड़े हो चुके थे। कमरे में तलाशी के दौरान कोई भी सुसाइड नोट या नशीला पदार्थ नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों ने किसी जानलेवा कीड़े के काटने से मौत की आशंका जताई है। उधर, सीओ आरएस नबियाल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चलने की बात कही है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव, भीमताल थाने में था तैनात
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मूल रूप से जाखनी कमेड़ीदानी थाना कांडा जिला बागेश्वर निवासी सिपाही चंद्र प्रकाश (36) पुत्र स्व. डीआर आर्या एक माह पहले रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर से ट्रांसफर होकर भीमताल थाने में तैनात हुआ था। डांठ के साकेत कालोनी में सदानंद सुयाल के यहां उसने किराये पर कमरा लिया था। मकान मालिक सदानंद सुयाल ने बताया कि चंद्र प्रकाश ने 26 मई को अपना सामान कमरे में रखा था। 30 मई से यहां रह रहा था।
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31 मई को चंद्र प्रकाश ने शाम की ड्यूटी के चलते रात को गेट खुला रखने की बात बोली थी। इसलिए उन्होंने रात को गेट खुला छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने सिपाही के कमरे में जाकर नहीं देखा कि वह आया है कि नहीं। शनिवार दोपहर जब कमरे से बहुत ज्यादा दुर्गंध मकान में फैलने लगी तो उन्होंने कमरे के पास सिपाही को पुकारा गया। कोई आवाज नहीं आने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे सीओ आरएस नबियाल, एसओ डीआर आर्या पुलिस टीम के साथ जाली काटकर अंदर घुसे।
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कमरे के अंदर चारपाई पर सिपाही का शव सड़ी-गली हालत में पड़ा था। सिपाही का मुंह, गर्दन और हाथ पूरा नीला पड़ा हुआ था। गर्दन में बड़े-बड़े फोड़े हो चुके थे। कमरे में तलाशी के दौरान कोई भी सुसाइड नोट या नशीला पदार्थ नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों ने किसी जानलेवा कीड़े के काटने से मौत की आशंका जताई है। उधर, सीओ आरएस नबियाल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चलने की बात कही है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव, भीमताल थाने में था तैनात