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डर के चलते छठवी की छात्रा ने मौत को लगाया गले
Updated Sun, 10 Jun 2018 02:48 AM IST
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हल्द्वानी/लालकुआं। बिंदुखत्ता के इंदिरानगर प्रथम में बच्चों की लड़ाई में पड़ोसी ने छठी की छात्रा का डांटा तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। आरोप है कि पड़ोसी ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और पिता से शिकायत करने की धमकी दी थी।
डंपर चालक राजेश कुमार टम्टा की 13 साल की बेटी कोमल टम्टा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दौलिया में छठी में पढ़ती थी। छह भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर की थी। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को उसने अपने छोटे भाई मोहित के बाल कटवाए थे। छोटे बाल देखकर देखकर शाम छह बजे पड़ोसी बच्चे मोहित को टकला कहकर चिढ़ाने लगे। यह बात कोमल को नागवार गुजरी और बच्चों से भिड़ गई। बहस के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।
कोमल का डंडा पड़ोसी बच्चे को लग गया। आरोप है कि पड़ोसी बच्चे की मां ने कोमल को धमकाया कि वह उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगी। उसके पिता से शिकायत करेगी। इसके बाद कोमल वहां से चली गई। काफी देर तक वह घर में नजर आई। मां ने कमरों में ढूंढा तो पंखे की कुंडी में उसे लटका देख वह दंग रह गईं। उसने अपने दुपट्टे से फांसी लगाई थी। मां ने दुपट्टा काटकर उसे नीचे उतारा। पड़ोसी उसे लेकर तीन पानी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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मनोचिकित्सक डॉ. नेहा शर्मा का मानना है कि 12 या 13 साल की उम्र किशोरावस्था की होती है। इस उम्र में बच्चे वास्तविक दुनिया से दूर काल्पनिक दुनिया में मशगूल रहते हैं। पड़ोसी के धमकाने पर वह डर के चलते आवेश में आ गई। उसके पास सहन की क्षमता नहीं थी। यदि समझदार होती तो हालातों से मुकाबला कर सकती थी लेकिन उसने नासमझी में मौत को गले लगाने का निर्णय लिया।
बच्चों की लड़ाई में पड़ोसी ने डांटा तो फांसी पर झूल गई छठी की छात्रा
बिंदुखत्ता की घटना, छात्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और पिता से शिकायत करने की धमकी दी थी
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डंपर चालक राजेश कुमार टम्टा की 13 साल की बेटी कोमल टम्टा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दौलिया में छठी में पढ़ती थी। छह भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर की थी। परिजनों के अनुसार शुक्रवार को उसने अपने छोटे भाई मोहित के बाल कटवाए थे। छोटे बाल देखकर देखकर शाम छह बजे पड़ोसी बच्चे मोहित को टकला कहकर चिढ़ाने लगे। यह बात कोमल को नागवार गुजरी और बच्चों से भिड़ गई। बहस के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।
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कोमल का डंडा पड़ोसी बच्चे को लग गया। आरोप है कि पड़ोसी बच्चे की मां ने कोमल को धमकाया कि वह उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगी। उसके पिता से शिकायत करेगी। इसके बाद कोमल वहां से चली गई। काफी देर तक वह घर में नजर आई। मां ने कमरों में ढूंढा तो पंखे की कुंडी में उसे लटका देख वह दंग रह गईं। उसने अपने दुपट्टे से फांसी लगाई थी। मां ने दुपट्टा काटकर उसे नीचे उतारा। पड़ोसी उसे लेकर तीन पानी स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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मनोचिकित्सक डॉ. नेहा शर्मा का मानना है कि 12 या 13 साल की उम्र किशोरावस्था की होती है। इस उम्र में बच्चे वास्तविक दुनिया से दूर काल्पनिक दुनिया में मशगूल रहते हैं। पड़ोसी के धमकाने पर वह डर के चलते आवेश में आ गई। उसके पास सहन की क्षमता नहीं थी। यदि समझदार होती तो हालातों से मुकाबला कर सकती थी लेकिन उसने नासमझी में मौत को गले लगाने का निर्णय लिया।
बच्चों की लड़ाई में पड़ोसी ने डांटा तो फांसी पर झूल गई छठी की छात्रा
बिंदुखत्ता की घटना, छात्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और पिता से शिकायत करने की धमकी दी थी