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Uttarakhand: गाड़ी का वीआईपी नंबर लेने का बढ़ा क्रेज, 3.38 लाख में बिका 0001; लाखों में नीलाम हुआ 0009 और 1111
Thu, 04 Jan 2024 02:19 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 04 Jan 2024 02:19 PM IST
सार
उत्तराखंड में वाहन की नंबर प्लेट यूनिक दिखाने के लिए हल्द्वानी के वाहन मालिक लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। दिसंबर महीने में 0001 नंबर लेने के लिए एक वाहन मालिक ने 3.38 लाख रुपये खर्च किए हैं।
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गाड़ी का वीआईपी नंबर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाहन की नंबर प्लेट यूनिक और फैंसी दिखाने के लिए हल्द्वानी के वाहन मालिक लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। दिसंबर महीने में 0001 नंबर लेने के लिए एक वाहन मालिक ने 3.38 लाख रुपये खर्च किए हैं। वहीं दो अन्य वाहन मालिकों ने पसंदीदा नंबर लेने के लिए एक लाख रुपये से अधिक खर्च किए हैं जबकि करीब 30 वाहन चालकों ने भी नीलामी से अपना पसंदीदा नंबर चुना है।
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परिवहन विभाग के अंतर्गत आने वाले हल्द्वानी और रुद्रपुर में फैंसी नंबर लेने के मामले में नैनीताल जिले के वाहन मालिक नीलामी में जमकर रुपया लगा रहे हैं। दिसंबर में नैनीताल जिले में 26 वाहन मालिकों ने नीलामी से अपना पसंदीदा नंबर लिया है जबकि रुद्रपुर में 9 वाहन मालिकों ने फैंसी नंबर लिए हैं।
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दरअसल परिवहन विभाग महीने में दो बार 15 और 30 तारीख को फैंसी नंबरों की नीलामी करता है जिसके लिए शुरुआती 6 दिन नंबर के लिए आवेदन करने का समय दिया जाता है। इसके बाद नीलामी की जाती है। नीलामी में 0001 और 0786 नंबर का बेस प्राइस सबसे अधिक एक लाख रुपये तय है। हल्द्वानी में सबसे अधिक बोली 0001 नंबर के लिए 3.38 लाख रुपये के लिए लगी है जबकि 0009 नंबर 1.62 लाख रुपये और 1111 नंबर 1.05 लाख रुपये में बिका है।
0007 नंबर के लिए वाहन मालिक ने 60 हजार रुपये खर्च किए हैं जबकि 32 हजार रुपये में एक, 26 हजार में चार, 25 हजार रुपये में 8 नंबर नीलाम हुए हैं। वहीं दूसरी ओर रुद्रपुर में सबसे महंगा नंबर 30 हजार रुपये में नीलाम हुआ है।