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यशपाल पर हमले से कांग्रेस में उबाल
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हल्द्वानी। पूर्व मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य पर हुए हमले के बाद कांग्रेस भाजपा पर हमलावर हो गई है। रविवार सुबह यशपाल आर्य के आवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अपराधियों को गिरफ्तार करने और बाजपुर की पुलिस को तत्काल हटाने की मांग की। रावत ने कहा कि पूर्व मंत्री यशपाल आर्य, संजीव आर्य पर प्राणघातक हमला किया गया है। यशपाल के राजनीतिक प्रभाव को देखते हुए उन्हें जान से मार देने के उद्देश्य से सुनियोजित षडयंत्र के तहत हमला किया गया है।
हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कहर कहा कि थाने से महज 25 मीटर दूरी पर आर्य पर हमला हुआ। हमलावरों को पता था कि आर्य आएंगे और कई लोगों को कांग्रेस की ज्वाइनिंग कराएंगे। पूर्व नियोजित हमले के तहत गाड़ी से खींचकर जान से मारने का प्रयास किया गया। बचाने वालों को बुरी तरह पीटा गया है। यशपाल आर्य को जान से मारे की मंशा थी। पुलिस प्रशासन पर कोई यकीन नहीं रह गया है। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यशपाल आर्य का गनर तक हटा दिया गया है। रावत के अनुसार पुलिस-प्रशासन पर हमें विश्वास नहीं है, हमें डर है वे यशपाल आर्य को मरवा देंगे। अपराधी अवैध खनन कारोबारी हैं। यशपाल महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं और उन्हें कुछ हो गया तो आप और हम पर कलंक लगेगा। एक वर्ग विशेष को क्या जवाब दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए यशपाल और परिवार को सुरक्षा दिलाएं। अपराधियों को पकड़ा जाए और बिगड़ती कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने डीजीपी से भी यशपाल आर्य को सुरक्षा देने और बाजपुर की पुलिस को तत्काल हटाने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मौजूद रहे।
पूर्व सीएम हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हमला भाजपा के इशारे पर अवैध खनन के कारोबार में लिप्त अपराधी प्रवृत्ति के कारोबारियों को उकसाकर और उन पर दबाव डालकर किया गया है। रावत के अनुसार भाजपा यशपाल आर्य की कांग्रेस में वापसी को पचा नहीं पा रही है और अपने गिरते ग्राफ को देखते हुए यशपाल आर्य को रास्ते से हटा देना चाहती है। कांग्रेस इस षडयंत्र को कामयाब नहीं होने देगी। लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी शिद्दत से लड़ाई लड़ी जाएगी। अपराधी नहीं पकड़े गए और कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इसे राजनीतिक लड़ाई मानकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार के एक काबीना मंत्री की भूमिका को लेकर कहा कि अगर मंत्री जी यशपाल के साथ ही उन्हें भी रास्ते से हटाना चाहते हैं तो यह भी करके देख लें लेकिन कांग्रेस इस तरह की हरकतों से घबराने वाली नहीं है।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा यशपाल के प्रभाव को देखकर बौखला गई है और ऐसी नीच हरकत पर उतर आई है। कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ाई को लोकतांत्रिक ढंग से लड़ेगी।
कांग्रेसी भी लिप्त होगा तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा
हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उनके संज्ञान में लाया गया है कि भाजपा समर्थित हमलावरों के साथ कुछ कांग्रेसी भी शामिल थे। इस हमले में कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं होगा लेकिन एक भी कांग्रेसी की लिप्तता इसमें पाई गई तो उसे भी माफ नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों का कांग्रेस में कहीं से कहीं तक कोई स्थान नहीं होगा।
कार्यकर्ता आगे नहीं आया होता तो आपके बीच नहीं होता: यशपाल
हल्द्वानी। पूर्व मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि उन पर जानलेवा हमला किया गया। हमले के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता आगे आ गए। एक कार्यकर्ता तो पीठ पर लाठी और डंडे की चोट सहता रहा लेकिन वह आगे से नहीं हटा। अगर कार्यकर्ता आगे नहीं आया होता तो वह आज लोगों के बीच नहीं होते।
यशपाल आर्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा के एक मंत्री के इशारे पर हमला किया गया। तथाकथित कांग्रेसी नेता भी हमला कराने के लिए जिम्मेदार है। जिसने हमला किया है वह हिस्ट्रीशीटर है। उस पर गैंगस्टर एक्ट की तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है। जिला बदर की कार्रवाई भी होनी है। ऐसे हमलावरों ने थाने से महज 35 मीटर दूरी पर लाठी, डंडों, तलवारों से हमला किया। हमलावरों ने जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर गालीगलौज भी की। पुलिस के सामने ही यह कांड हुआ है लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
बचाने आगे आया था नवदीप कंग
हल्द्वानी। यशपाल आर्य और संजीव आर्य ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता नवदीप कंग ने हमलावरों की लाठी और डंडों की मार सही। यशपाल आर्य के आवास पर पहुंचे नवदीप ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को पीठ पर मारे गए डंडों के निशान दिखाए।
कांग्रेसियों ने की नारेबाजी
हल्द्वानी। पूर्व मंत्री यशपाल आर्य के आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ सैकड़ों की तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे थे। कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, महानगर राहुल छिमवाल, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, ललित जोशी, उमेश कबड्वाल, महेश शर्मा, दीपक बल्यूटिया, खजान पांडे, किरन डालाकोटी, संध्या डालाकोटी, मनोज शर्मा, मुकेश शर्मा, प्रदीप नेगी, डॉ. केदार पलड़िया आदि मौजूद रहे।
यशपाल के बहाने बढ़ते अपराध को मुद्दा बना सकती है कांग्रेस
हल्द्वानी। शनिवार को बाजपुर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य पर हुए हमले के बाद कांग्रेस पार्टी भाजपा पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने संकेत दे दिए हैं कि वह इस मामले में पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर लड़ाई लड़ेगी। बाजपुर की घटना को कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ते अपराधीकरण और कानून व्यवस्था की चरमराती स्थिति से जोड़ दिया है। हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने का कहना था कि हमला जानलेवा था और यह भाजपा के इशारे पर किया गया है। लिहाजा इस मामले में भाजपा सरकार अगर ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर प्रदेश भर में आंदोलन कर जनता को एकजुट करेगी। फिलहाल हरीश रावत ने पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और बंद जैसी घोषणाएं कर अपने इरादे जता दिए हैं कि चुनाव में यह बहुत बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। माई सिटी रिपोर्टर
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हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कहर कहा कि थाने से महज 25 मीटर दूरी पर आर्य पर हमला हुआ। हमलावरों को पता था कि आर्य आएंगे और कई लोगों को कांग्रेस की ज्वाइनिंग कराएंगे। पूर्व नियोजित हमले के तहत गाड़ी से खींचकर जान से मारने का प्रयास किया गया। बचाने वालों को बुरी तरह पीटा गया है। यशपाल आर्य को जान से मारे की मंशा थी। पुलिस प्रशासन पर कोई यकीन नहीं रह गया है। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यशपाल आर्य का गनर तक हटा दिया गया है। रावत के अनुसार पुलिस-प्रशासन पर हमें विश्वास नहीं है, हमें डर है वे यशपाल आर्य को मरवा देंगे। अपराधी अवैध खनन कारोबारी हैं। यशपाल महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं और उन्हें कुछ हो गया तो आप और हम पर कलंक लगेगा। एक वर्ग विशेष को क्या जवाब दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए यशपाल और परिवार को सुरक्षा दिलाएं। अपराधियों को पकड़ा जाए और बिगड़ती कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उन्होंने डीजीपी से भी यशपाल आर्य को सुरक्षा देने और बाजपुर की पुलिस को तत्काल हटाने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मौजूद रहे।
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पूर्व सीएम हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हमला भाजपा के इशारे पर अवैध खनन के कारोबार में लिप्त अपराधी प्रवृत्ति के कारोबारियों को उकसाकर और उन पर दबाव डालकर किया गया है। रावत के अनुसार भाजपा यशपाल आर्य की कांग्रेस में वापसी को पचा नहीं पा रही है और अपने गिरते ग्राफ को देखते हुए यशपाल आर्य को रास्ते से हटा देना चाहती है। कांग्रेस इस षडयंत्र को कामयाब नहीं होने देगी। लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी शिद्दत से लड़ाई लड़ी जाएगी। अपराधी नहीं पकड़े गए और कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इसे राजनीतिक लड़ाई मानकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार के एक काबीना मंत्री की भूमिका को लेकर कहा कि अगर मंत्री जी यशपाल के साथ ही उन्हें भी रास्ते से हटाना चाहते हैं तो यह भी करके देख लें लेकिन कांग्रेस इस तरह की हरकतों से घबराने वाली नहीं है।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा यशपाल के प्रभाव को देखकर बौखला गई है और ऐसी नीच हरकत पर उतर आई है। कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ाई को लोकतांत्रिक ढंग से लड़ेगी।
कांग्रेसी भी लिप्त होगा तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा
हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उनके संज्ञान में लाया गया है कि भाजपा समर्थित हमलावरों के साथ कुछ कांग्रेसी भी शामिल थे। इस हमले में कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं होगा लेकिन एक भी कांग्रेसी की लिप्तता इसमें पाई गई तो उसे भी माफ नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों का कांग्रेस में कहीं से कहीं तक कोई स्थान नहीं होगा।
कार्यकर्ता आगे नहीं आया होता तो आपके बीच नहीं होता: यशपाल
हल्द्वानी। पूर्व मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि उन पर जानलेवा हमला किया गया। हमले के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता आगे आ गए। एक कार्यकर्ता तो पीठ पर लाठी और डंडे की चोट सहता रहा लेकिन वह आगे से नहीं हटा। अगर कार्यकर्ता आगे नहीं आया होता तो वह आज लोगों के बीच नहीं होते।
यशपाल आर्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा के एक मंत्री के इशारे पर हमला किया गया। तथाकथित कांग्रेसी नेता भी हमला कराने के लिए जिम्मेदार है। जिसने हमला किया है वह हिस्ट्रीशीटर है। उस पर गैंगस्टर एक्ट की तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है। जिला बदर की कार्रवाई भी होनी है। ऐसे हमलावरों ने थाने से महज 35 मीटर दूरी पर लाठी, डंडों, तलवारों से हमला किया। हमलावरों ने जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर गालीगलौज भी की। पुलिस के सामने ही यह कांड हुआ है लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
बचाने आगे आया था नवदीप कंग
हल्द्वानी। यशपाल आर्य और संजीव आर्य ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता नवदीप कंग ने हमलावरों की लाठी और डंडों की मार सही। यशपाल आर्य के आवास पर पहुंचे नवदीप ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को पीठ पर मारे गए डंडों के निशान दिखाए।
कांग्रेसियों ने की नारेबाजी
हल्द्वानी। पूर्व मंत्री यशपाल आर्य के आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ सैकड़ों की तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे थे। कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, महानगर राहुल छिमवाल, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, ललित जोशी, उमेश कबड्वाल, महेश शर्मा, दीपक बल्यूटिया, खजान पांडे, किरन डालाकोटी, संध्या डालाकोटी, मनोज शर्मा, मुकेश शर्मा, प्रदीप नेगी, डॉ. केदार पलड़िया आदि मौजूद रहे।
यशपाल के बहाने बढ़ते अपराध को मुद्दा बना सकती है कांग्रेस
हल्द्वानी। शनिवार को बाजपुर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य पर हुए हमले के बाद कांग्रेस पार्टी भाजपा पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने संकेत दे दिए हैं कि वह इस मामले में पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर लड़ाई लड़ेगी। बाजपुर की घटना को कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ते अपराधीकरण और कानून व्यवस्था की चरमराती स्थिति से जोड़ दिया है। हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने का कहना था कि हमला जानलेवा था और यह भाजपा के इशारे पर किया गया है। लिहाजा इस मामले में भाजपा सरकार अगर ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर प्रदेश भर में आंदोलन कर जनता को एकजुट करेगी। फिलहाल हरीश रावत ने पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और बंद जैसी घोषणाएं कर अपने इरादे जता दिए हैं कि चुनाव में यह बहुत बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। माई सिटी रिपोर्टर