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Nainital News: स्पिन के जादूगर बिशन सिंह बेदी के निधन पर क्रिकेट प्रेेमी स्तब्ध
Tue, 24 Oct 2023 02:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 24 Oct 2023 02:31 AM IST
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भीमताल में रिश्तेदार से मिलते बिशन सिंह बेदी। फाइल फोटो
हल्द्वानी। भारत के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज बिशन सिंह बेदी के निधन पर क्रिकेट कोच और खेल प्रेमियों ने शोक जताया है।
बिशन सिंह बेदी पिछले साल अगस्त में भीमताल के मेहरागांव स्थित अपने भांजे सत्येंद्र के कपिला रिसॉर्ट में अपनी पत्नी के साथ पहुंचे थे। यहां आने पर उन्होंने उत्तराखंड के युवा क्रिकेटर ऋषभ पंत की तारीफ की थी और कहा था कि युवा क्रिकेटरों के लिए आईपीएल अच्छा प्लेटफॉर्म बन गया है। 2010-11 में उनके फिजियोथेरेपिस्ट रह चुके डॉ. मुनीस रस्तोगी के लिए यह घटना स्तब्ध करने वाली है। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि पिछले कुछ सालों से उनका स्वास्थ्य गड़बड़ चल रहा था। उन्होंने बताया कि बेदी का स्वभाव सहयोगी प्रकृति का था। क्रिकेट को लेकर उनमें काफी जुनून था। क्रिकेट की बात सुनते ही वह एनर्जेटिक हो जाते थे। वह सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र धोनी और सौरभ गांगुली के खेल को पसंद करते थे।
कोट-- -
बिशन सिंह बेदी के जाने से क्रिकेट के एक युग का अवसान हो गया है। पूर्व कप्तान बेदी ने भारतीय क्रिकेट को एक आयाम दिया और देश में स्पिन के स्तर को ऊंचा किया। - महीम वर्मा, सचिव, सीएयू
दो बार मेरी उनसे मुलाकात हुई। प्रतापगढ़ में जब उत्तराखंड की टीम फाइनल खेल रही थी तब वह आए थे। दूसरी बार दिल्ली स्टेडियम में समर कैंप के दौरान हुई। तब उनका भी कैंप चलता था। अनुशासन के पक्के थे। वो अपनी मिनी बस को ड्राइव करके अपनी एकेडमी के बच्चों को लाते-ले जाते थे।
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-संजीव पंत, क्रिकेट कोच
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बिशन सिंह बेदी पिछले साल अगस्त में भीमताल के मेहरागांव स्थित अपने भांजे सत्येंद्र के कपिला रिसॉर्ट में अपनी पत्नी के साथ पहुंचे थे। यहां आने पर उन्होंने उत्तराखंड के युवा क्रिकेटर ऋषभ पंत की तारीफ की थी और कहा था कि युवा क्रिकेटरों के लिए आईपीएल अच्छा प्लेटफॉर्म बन गया है। 2010-11 में उनके फिजियोथेरेपिस्ट रह चुके डॉ. मुनीस रस्तोगी के लिए यह घटना स्तब्ध करने वाली है। डॉ. रस्तोगी ने बताया कि पिछले कुछ सालों से उनका स्वास्थ्य गड़बड़ चल रहा था। उन्होंने बताया कि बेदी का स्वभाव सहयोगी प्रकृति का था। क्रिकेट को लेकर उनमें काफी जुनून था। क्रिकेट की बात सुनते ही वह एनर्जेटिक हो जाते थे। वह सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र धोनी और सौरभ गांगुली के खेल को पसंद करते थे।
कोट
बिशन सिंह बेदी के जाने से क्रिकेट के एक युग का अवसान हो गया है। पूर्व कप्तान बेदी ने भारतीय क्रिकेट को एक आयाम दिया और देश में स्पिन के स्तर को ऊंचा किया। - महीम वर्मा, सचिव, सीएयू
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दो बार मेरी उनसे मुलाकात हुई। प्रतापगढ़ में जब उत्तराखंड की टीम फाइनल खेल रही थी तब वह आए थे। दूसरी बार दिल्ली स्टेडियम में समर कैंप के दौरान हुई। तब उनका भी कैंप चलता था। अनुशासन के पक्के थे। वो अपनी मिनी बस को ड्राइव करके अपनी एकेडमी के बच्चों को लाते-ले जाते थे।
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-संजीव पंत, क्रिकेट कोच