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पधारो म्हारे नैनीताल, अब बिन वाहन चले अइयो..., नैनीताल के पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाओं को समय रहते चाक चौबंद करने की जरूरत
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नैनीताल। ‘पधारो म्हारे नैनीताल’ से हम देश-दुनिया के पर्यटकों को नैनीताल आने का न्योता देकर यहां की खूबसूरती से तो रूबरू करा सकते हैं। पर यहां आने के बाद पार्किंग की सुविधा न होने से पर्यटकों को कड़वे अनुभवों का सामना करने के लिए तैयार करना चाहते हैं। हाल यह है कि पधारो म्हारे नैनीताल, पर बिन वाहन चले अइयो.... कहना पड़ रहा है। अब पार्किंग और जाम की समस्या नासूर बन गई है। रामनगर, कालाढूंगी, रामगढ़, मुक्तेश्वर में पार्किंग के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण पर्यटक यहां से कड़वे अनुभव लेकर लौटते हैं। समय रहते पर्यटक स्थलों पर पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था हो जाए तो जाम भी नहीं लगेगा और सैलानियों की मुश्किलें भी कम होंगी।
सीजन के दौरान नैनीताल में लगने वाले जाम और उसके कारणों से सब वाकिफ हैं, फिर भी हर साल सीजन से पहले बनने वाली कार्ययोजना धरातल पर नजर नहीं आती है। डीएम ने नैनीताल में दोपहिया वाहनों से आने पर रोक लगा दी है। भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल, रामगढ़ और मुक्तेश्वर की शांत वादियों में भी खूब सैलानी उमड़ते हैं। पर इन पर्यटक स्थलों पर पार्किंग की समस्या से सैलानी दो-चार होते हैं। इन जगहों पर स्थानीय लोगों के अलावा सैलानियों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करना मजबूरी हो गया है। भीमताल में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने पार्किंग निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन आज तक पार्किंग बनना तो दूर जमीन तक नहीं तलाशी जा सकी है। भवाली में मुख्य सड़क के सकरी होने के कारण आए दिन जाम लगा रहता है।
सैनिटोरियम से कैंची की ओर बाईपास तो बन गया, लेकिन भारी वाहन अब भी बाजार से होकर दौड़ते हैं। सैनिटोरियम से तिरछाखेत को जोड़ने वाला बाईपास आज तक नहीं बना है। रामनगर में भी पार्किंग और जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। यहां डिवाइडर न होने के कारण भवानीगंज और लखनपुर चौराहे पर अक्सर जाम रहता है। रानीखेत रोड में भी यही स्थिति रहती है। ऐसे में यदि समय रहते इस समस्या का कोई स्थायी समाधान न खोजा गया तो सैलानी दोबारा इन पर्यटक स्थलों पर आने से बचेंगे।
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डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि नैनीताल में तीन स्थानों पर अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं। मेट्रोपोल में भी वाहनों को अब व्यवस्थित तरीके से लगाया जा रहा है। भीमताल और इसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा अन्य पर्यटक स्थलों पर पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
निजी भूमि पर बनाए जा सकते हैं पार्किंग स्थल
प्रशासन को पर्यटक स्थलों पर पार्किंग बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होती है। ऐसे में यदि निजी जमीन पर पार्किंग की पहल की जाए तो हल निकल सकता है। पर्यटक स्थलों में यदि किसी व्यक्ति के पास रोड से लगी जमीन हो तो उस पर प्रशासन निजी पार्किंग की सुविधा दे सकता है। इसके एवज में भू-स्वामी को उसका हक दिया जा सकता है।
जनप्रतिनिधि भी नहीं कर पाए ठोस पहल
नैनीताल। नैनीताल समेत जिले के पर्यटक स्थलों में पार्किंग के पुख्ता इंतजाम कराने में जनप्रतिनिधि फ्लॉप साबित हुए हैं। सांसद से लेकर विधायकों तक ने कभी भी अपने क्षेत्र में पार्किंग को तवज्जो नहीं दी। हालांकि नैनीताल के विधायक संजीव आर्य ने पिछले दिनों नैनीताल में पार्किंग की समस्या को मुख्यमंत्री के सामने गंभीरता से उठाया था। उसके बाद ही शासन से नारायण नगर में पार्किंग बनाने के लिए धनराशि अवमुक्त हुई, लेकिन कार्य कछुआ चाल चल रहा है।
कॉर्बेट फॉल और बाराती रौ नहीं खुला
कालाढूंगी। रामनगर वन प्रभाग के कालाढूंगी रेंज में पड़ने वाले कॉर्बेट फॉल और बैलपड़ाव रेंज के अंतर्गत बराती रौ (झरने) को अभी पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है। इस कारण सरकार को प्रतिदिन लाखों के राजस्व की हानि हो रही है। इसके साथ ही फॉल को देखने के लिए दूरदराज से आ रहे पर्यटकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। डीएफओ चंद्रशेखर जोशी का कहना है कि बरसात को देखते दोनों झरनों को पर्यटकों के लिए अक्तूबर से खोला जाएगा।
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सीजन के दौरान नैनीताल में लगने वाले जाम और उसके कारणों से सब वाकिफ हैं, फिर भी हर साल सीजन से पहले बनने वाली कार्ययोजना धरातल पर नजर नहीं आती है। डीएम ने नैनीताल में दोपहिया वाहनों से आने पर रोक लगा दी है। भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल, रामगढ़ और मुक्तेश्वर की शांत वादियों में भी खूब सैलानी उमड़ते हैं। पर इन पर्यटक स्थलों पर पार्किंग की समस्या से सैलानी दो-चार होते हैं। इन जगहों पर स्थानीय लोगों के अलावा सैलानियों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करना मजबूरी हो गया है। भीमताल में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने पार्किंग निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन आज तक पार्किंग बनना तो दूर जमीन तक नहीं तलाशी जा सकी है। भवाली में मुख्य सड़क के सकरी होने के कारण आए दिन जाम लगा रहता है।
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सैनिटोरियम से कैंची की ओर बाईपास तो बन गया, लेकिन भारी वाहन अब भी बाजार से होकर दौड़ते हैं। सैनिटोरियम से तिरछाखेत को जोड़ने वाला बाईपास आज तक नहीं बना है। रामनगर में भी पार्किंग और जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। यहां डिवाइडर न होने के कारण भवानीगंज और लखनपुर चौराहे पर अक्सर जाम रहता है। रानीखेत रोड में भी यही स्थिति रहती है। ऐसे में यदि समय रहते इस समस्या का कोई स्थायी समाधान न खोजा गया तो सैलानी दोबारा इन पर्यटक स्थलों पर आने से बचेंगे।
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डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल का कहना है कि नैनीताल में तीन स्थानों पर अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं। मेट्रोपोल में भी वाहनों को अब व्यवस्थित तरीके से लगाया जा रहा है। भीमताल और इसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा अन्य पर्यटक स्थलों पर पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
निजी भूमि पर बनाए जा सकते हैं पार्किंग स्थल
प्रशासन को पर्यटक स्थलों पर पार्किंग बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होती है। ऐसे में यदि निजी जमीन पर पार्किंग की पहल की जाए तो हल निकल सकता है। पर्यटक स्थलों में यदि किसी व्यक्ति के पास रोड से लगी जमीन हो तो उस पर प्रशासन निजी पार्किंग की सुविधा दे सकता है। इसके एवज में भू-स्वामी को उसका हक दिया जा सकता है।
जनप्रतिनिधि भी नहीं कर पाए ठोस पहल
नैनीताल। नैनीताल समेत जिले के पर्यटक स्थलों में पार्किंग के पुख्ता इंतजाम कराने में जनप्रतिनिधि फ्लॉप साबित हुए हैं। सांसद से लेकर विधायकों तक ने कभी भी अपने क्षेत्र में पार्किंग को तवज्जो नहीं दी। हालांकि नैनीताल के विधायक संजीव आर्य ने पिछले दिनों नैनीताल में पार्किंग की समस्या को मुख्यमंत्री के सामने गंभीरता से उठाया था। उसके बाद ही शासन से नारायण नगर में पार्किंग बनाने के लिए धनराशि अवमुक्त हुई, लेकिन कार्य कछुआ चाल चल रहा है।
कॉर्बेट फॉल और बाराती रौ नहीं खुला
कालाढूंगी। रामनगर वन प्रभाग के कालाढूंगी रेंज में पड़ने वाले कॉर्बेट फॉल और बैलपड़ाव रेंज के अंतर्गत बराती रौ (झरने) को अभी पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है। इस कारण सरकार को प्रतिदिन लाखों के राजस्व की हानि हो रही है। इसके साथ ही फॉल को देखने के लिए दूरदराज से आ रहे पर्यटकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। डीएफओ चंद्रशेखर जोशी का कहना है कि बरसात को देखते दोनों झरनों को पर्यटकों के लिए अक्तूबर से खोला जाएगा।