{"_id":"8eba4b2bb8da428f5f3dd9d535eeeb37","slug":"citizen-charter-finish-missing-the-right-service-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिटीजन चार्टर खत्म, सेवा अधिकार लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिटीजन चार्टर खत्म, सेवा अधिकार लापता
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Fri, 03 Apr 2015 01:50 AM IST
विज्ञापन
सरकारी विभागों में आम जनता के प्रति अधिकारियों की जवाबदेह तय करने एवं कामकाज में पारदर्शिता लाने के मकसद से लागू सेवा का अधिकार अधिनियम हवा में उड़ गया है। अधिकतर विभागों में इस अधिनियम का पालन नहीं हो रहा है। जनता को उनके अधिकारियों के प्रति जागरूक करने के बोर्ड तक नहीं लगे हैं। तहसील में लगा बोर्ड अफसरों का मुंह चिढ़ाता है।
विज्ञापन
उत्तराखंड में तत्कालीन बीसी खंडूरी सरकार ने सिटीजन चार्टर्ड व्यवस्था लागू की थी। इसमें सरकारी विभागों में जनता से जुड़े कार्यों के लिए निर्धारित समय सीमा थी। 2011 में सेवा का अधिकार अधिनियम लागू हो गया। इसमें भी वहीं व्यवस्था है। सेवा का अधिकार अधिनियम में हर विभाग को अपने कार्यालय परिसर में बोर्ड लगाना अनिवार्य है, ताकि जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सके। विभागीय अफसर उसे बेवकूफ न बना सकें, लेकिन अधिकतर विभागों ने बोर्ड लगाए ही नहीं हैं।
विज्ञापन
नगर निकायों में आवेदन होने के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिन निर्धारित हैं। अस्पताल के बाहर जन्म या मृत्यु होने की स्थिति में 15 दिन और अस्पताल में जन्म या फिर मृत्यु होने पर 17 दिन के भीतर प्रमाण पत्र जारी करना होता है। प्रापर्टी हस्तांतरण आवेदन में अविवाहित के लिए 60 और विवाहित के लिए 90 दिन हैं। इसी तरह भवन निर्माण के लिए आवेदन जमा होने के 30 दिन में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना होता है।
विज्ञापन
विनियमित प्राधिकारी कार्यालय में भवन का नक्शा 30 दिन के भीतर स्वीकृति करना होता है। इसी तरह आवेदक को निवास प्रमाण पत्र 15 दिन, हैसियत प्रमाण पत्र 10 दिन, उत्तर जीवी प्रमाण पत्र 15 दिन, चरित्र प्रमाण पत्र 10 दिन में एसडीएम कार्यालय से जारी करने के निर्देश हैं। तहसील से जाति प्रमाण पत्र 15 दिन, किसान बही 7 दिन, आय प्रमाण पत्र 15 दिन, खतौनी और खसरा आवेदन के दिन ही जारी करने की अवधि है। यही व्यवस्था बाकी सरकारी विभागों में भी है, लेकिन जनता का कोई भी काम निर्धारित समय सीमा में नहीं होता है। विभागीय अधिकारी जवाबदेही से बचने के लिए आवेदन को ही रिजेक्ट कर देते हैं। इससे जनता परेशान होकर भटकती रहती है।
सेवा का अधिकार अधिनियम 2011
-----------------------------
अधिकारी का नाम अधिसूचित सेवा सेवाओं के लिए आवेदन
नगर स्वास्थ्य अधिकारी जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र अस्पताल से बाहर 15 दिन
अस्पताल के अंदर 17 दिन
मुख्य नगर अधिकारी मानचित्र की प्रमाणित प्रति अविवाहित 60 दिन
विवाहित 90 दिन
मुख्य नगर अधिकारी भू अभिलेख दस्तावेज 30 दिन
नोट: इसी तरह हर विभाग में समय सीमा निर्धारित है। निर्धारित समय सीमा में काम नहीं होने पर आवेदक अपीलीय अधिकारी को आवेदन कर सकता है।