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Nainital News: बदहाल है सीएचसी, प्रसव के लिए हल्द्वानी आने की मजबूरी
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हल्द्वानी/हल्दूचौड़। हल्दूचौड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन वर्ष 2017 में शुरू हुआ था लेकिन आठ साल बाद भी यहां प्रसव, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। 30 बेड के सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टर और उपकरणों की भी कमी होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी या बेस अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है।
हाल यह है कि यहां आने वाले मरीज निजी प्रयोगशालाओं में महंगी जांच कराने के लिए मजबूर हैं। गर्भवती और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अन्य अस्पतालों में दौड़ लगानी पड़ती है। यह केंद्र केवल सामान्य बीमारियों सर्दी, खांसी और बुखार की दवा देने तक सीमित रह गया है। यहां हर रोज 200 की ओपीडी होती है। महिला डॉक्टर तैनात हैं लेकिन न तो लेबर रूम है और न नियमित अल्ट्रासाउंड होते हैं। हफ्ते में एक दो दिन तकनीशियन हल्द्वानी से आता है, तब जाकर अल्ट्रासाउंड होते हैं।
स्थानीय लोगों पीयूष जोशी, हरीश भट्ट का कहना है कि अस्पताल तो खोल दिया मगर इसे सही ढंग से चलाने वाला कोई नहीं है। सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां एक्स-रे मशीन तक नहीं है। सप्ताह में 10 से 12 महिलाएं प्रसव को पहुंचती हैं जिन्हें हल्द्वानी भेजा जाता है। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं।
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कोट
सीएचसी की समस्याओं के बारे में उच्चाधिकारियों से कई बार पत्राचार किया गया लेकिन कोई हल नहीं निकला है। केवल आश्वासन दिया जाता है। - डॉ. सुधीर कन्याल, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दूचौड़
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हाल यह है कि यहां आने वाले मरीज निजी प्रयोगशालाओं में महंगी जांच कराने के लिए मजबूर हैं। गर्भवती और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अन्य अस्पतालों में दौड़ लगानी पड़ती है। यह केंद्र केवल सामान्य बीमारियों सर्दी, खांसी और बुखार की दवा देने तक सीमित रह गया है। यहां हर रोज 200 की ओपीडी होती है। महिला डॉक्टर तैनात हैं लेकिन न तो लेबर रूम है और न नियमित अल्ट्रासाउंड होते हैं। हफ्ते में एक दो दिन तकनीशियन हल्द्वानी से आता है, तब जाकर अल्ट्रासाउंड होते हैं।
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स्थानीय लोगों पीयूष जोशी, हरीश भट्ट का कहना है कि अस्पताल तो खोल दिया मगर इसे सही ढंग से चलाने वाला कोई नहीं है। सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां एक्स-रे मशीन तक नहीं है। सप्ताह में 10 से 12 महिलाएं प्रसव को पहुंचती हैं जिन्हें हल्द्वानी भेजा जाता है। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं।
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सीएचसी की समस्याओं के बारे में उच्चाधिकारियों से कई बार पत्राचार किया गया लेकिन कोई हल नहीं निकला है। केवल आश्वासन दिया जाता है। - डॉ. सुधीर कन्याल, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दूचौड़