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छोटी हल्द्वानी के शताब्दी वर्ष समारोह का शुभांरभ
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कालाढूंगी (नैनीताल)।
Updated Sat, 26 Dec 2015 01:49 AM IST
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पर्यावरणविद् जिम कार्बेट के बसाये गांव छोटी हल्द्वानी के सौ वर्ष पूरे होने पर कार्बेट ग्राम विकास समिति द्वारा मनाए जा रहे शताब्दी वर्ष का शुक्रवार को विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र सरकार के सचिव केपी कृष्णनन ने फीता काट कर किया। उन्होंने कहा कार्बेट ने छोटी हल्द्वानी में संरक्षण के जिस पौधे को लगाया था धरातल पर वह आज साकार हो रहा है।
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स्थानीय लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जो लगाव है, वह कार्बेट की ही देन हैं। मुख्य वन संरक्षक वन राजीव भरतरी ने कहा कि 2001 में समिति के सहयोग से छोटी हल्द्वानी में ग्रामीण पर्यटन की शुरुआत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को पर्यटन से जोड़ने के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना था, जो आज पूरा होता नजर आ रहा हैं। छोटी हल्द्वानी के ग्रामीणों ने अपने दम पर कम लागत में गांव में जिस तरह से पर्यटन के कार्योें को बढ़ावा दिया है, वह बेमिसाल है।
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मुख्य अतिथि ने वन निगम की ओर से कार्बेट ग्राम विकास समिति को नौ साइकिलें सौंपीं। अब पर्यटक गांव में साइकिल की सवारी का भी आंनद उठाएंगे। कार्यक्रम को दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सीआर बाबू, मुख्य वन संरक्षक वन विभाग धनंजय मोहन, डीएफओ रामनगर कहकशां नसीम ने भी संबोधित किया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष राजकुमार पाण्डे, सचिव मोहन पांडे, इंद्र सिंह बिष्ट, पक्षी विक्षेषज्ञ राजेश भट्ट, बची सिंह बिष्ट, पूरन बिष्ट, गणेश मेहरा, दलीप सिंह नेगीं, आदि थे। कार्यक्रम का संचालन अंजलि रवि ने किया।
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मुख्य अतिथि केपी कृष्णन के कहा कि वह तो छोटी हल्द्वानी गांव में पर्यटक बन के आए थे, परन्तु उनको यहां मुख्य अतिथि बना दिया गया, जो उनके लिए यादगार पल रहेगा। कहा केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आजीविका का विकास, हुनर का विकास के साथ-साथ ही क्षेत्र का विकास मुख्य हैं, उन तीनों चीजों का छोटी हल्द्वानी गांव में बखूबी लागू किया गया है।
छोटी हल्द्वानी गांव के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के प्रथम दिन शुक्रवार को देश के विभिन्न शहरों से आये 120 पर्यटकों ने गांव का भ्रमण कर कार्बेट की धरोहर देखी। जिसमें से 38 पर्यटकों ने गांव में रात्रि विश्राम भी किया। समिति के गाइडों ने पर्यटकों को कार्बेट हैरिटेज टेल, मोती हाउस, चौपाल व कार्बेट द्वारा बनाई गयी दीवार के बारे में पर्यटकों को विस्तृत जानकारी दी गयी।
कार्बेट ग्राम विकास समिति और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए स्टालों को मुख्य अतिथियों व सैलानियों ने निरीक्षण भी किया। स्टालों पर ग्रामीणों द्वारा गांव में पैदा होने वाले उत्पादों के साथ ही काष्ठकला को प्रदर्शित किया गया था। बौर नदी के पत्थरों पर मोहम्मद आसिफ द्वारा बनाए गए जिम कार्बेट के चित्र और तेज सिंह नगी द्वारा बनाई गई काष्ठ कला की सभी ने प्रशंसा की।
अभिनेता टाम आल्टर भी शुक्रवार शाम छोटी हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने कार्बेट की लिखी कहानियां पढ़कर बच्चों को सुनाई। कार्बेट के जीवन पर आधारित उन्होंने प्रसंग भी सुनाए। बच्चों ने उनसे सवाल भी पूछे। वह कार्यक्रम में आधा घंटा रुके।