फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   CBI officer Nirmal Dhoundiyal did not bow down to the pressure of Mulayam government

रामपुर तिराहा कांड: मुलायम सरकार के दबाव में नहीं झुके थे CBI अधिकारी, महिलाओं पर हुए अत्याचार को किया उजागर

Tue, 19 Mar 2024 03:03 PM IST
हीरा मेहरा अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 19 Mar 2024 03:03 PM IST
सार

रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर हुए अत्याचार के विरोध में सुनवाई होने के बाद सीबीआई ने बिहार सीबाआई में तैनात निर्मल ढौंडियाल को जांच सौंपी। उन्होंने ही अपनी रिपोर्ट में महिलाओं पर हुए अत्याचार को उजागर किया था। 

विज्ञापन
CBI officer Nirmal Dhoundiyal did not bow down to the pressure of Mulayam government
रामपुर तिराहा कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर हुए अत्याचार के विरोध में सुनवाई नहीं होने पर जब उत्तराखंडियों के स्वर बुलंद हुए तब हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। तत्कालीन मुलायम सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच की सिफारिश तो कर दी लेकिन इस जांच को प्रभावित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। नतीजतन, सीबीआई की पहली जांच सत्य से परे आई, जिसका विरोध हुआ।

विज्ञापन


इस पर सीबीआई ने बिहार सीबाआई में तैनात निर्मल ढौंडियाल को जांच सौंपी। उन्होंने ही अपनी रिपोर्ट में महिलाओं पर हुए अत्याचार को उजागर किया था। देहरादून के बसंत विहार में रहने वाले निर्मल ढौंडियाल का पिछले दिनों ही निधन हो गया है।
विज्ञापन


गढ़वाल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व एचओडी और वरिष्ठ पत्रकार आशा राम डंगवाल ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि 1951 में नरेंद्र नगर टिहरी में जन्मे निर्मल ने आईपीएस के लिए चयनित होने के बाद 1988 से 1997 तक सीबीआई में सेवाएं दी थीं। 30 अप्रैल 2012 को वह एडीजीपी बिहार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
ये पढ़ें- Rampur Tiraha Case: कई हैं गुनहगार, उनकी भी सजा का है इंतजार; आंदोलनकारी बोले- सिर्फ दो सिपाही ही दोषी करार


राष्टपति पदक से सम्मानित निर्मल चंद्र ने उत्तराखंड आंदोलनकारियों पर हुए अत्याचार की जांच के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की धमकियों और प्रलोभनों की परवाह न करते हुए मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड के सत्य को अपनी जांच में उजागर करने के साथ ही पुष्टि भी की थी कि महिला आंदोलनकारियों के साथ अभद्रता और दुराचार हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर ही मुख्य रूप से दोषियों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए जिसमें से एक पर फैसला 18 मार्च को आया है। अन्य मुकदमों पर अभी सुनवाई जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed