फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Canals, drains and blind turns... death awaits at every step

Nainital News: नहरें, नाले और अंधे मोड़... हर कदम पर मौत करती है इंतजार

Fri, 27 Jun 2025 02:30 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Fri, 27 Jun 2025 02:30 AM IST
विज्ञापन
Canals, drains and blind turns... death awaits at every step
हल्द्वानी। यदि आप हल्द्वानी की सड़कों में दोपहिया या चौपहिया वाहन से यात्रा कर रहे हैं तो बेहद सावधानी बरतें। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां सड़कों के किनारे खुली नहरें, नाले और अंधे मोड़ जानलेवा साबित हो रहे हैं। यात्रा के दौरान थोड़ा सी असावधानी बरती गई तो सामने मौत खड़ी नजर आएगी।
विज्ञापन

आजादी से पहले अंग्रेज शासकों ने गौला नदी के पानी को भाबर और मैदान तक पहुंचाने के लिए नहरें बनवाईं। तब हल्द्वानी की आबादी बमुश्किल 50 हजार रही होगी और जहां नहरें बनाई गईं वे क्षेत्र सड़क और आबादी विहीन होंगे। जैसे-जैसे समय बीतता गया नहरों के किनारे न केवल सड़कें बना दी गईं, बल्कि इन सड़कों के इर्द-गिर्द बसासत भी हो गई। अब शहर की आबादी पांच लाख से अधिक हो चुकी है। सड़कों का विस्तार हो चुका है। लेकिन न तो नहरों के किनारे सुरक्षा इंतजाम हुए और न ही अंधे मोड़ों पर दुर्घटना रोकने के उपाय। ऐसे में यहां हर कदम जानलेवा साबित हो सकता है।
विज्ञापन



शहर की सड़कों पर यहां हैं अंधे मोड़
नैनीताल रोड में टेड़ी पुलिया के पास, बरेली रोड में तीनपानी के समीप, गांधी स्कूल के समीप, कालाढूंगी रोड पर ऊंचापुल के समीप, रामपुर रोड से एफटीआई की ओर, डहरिया आईटीआई से रामपुर रोड चुंगी के पास वाला मोड़, रेलवे स्टेशन रोड पर आर्य समाज मंदिर से आगे की ओर, डहरिया में आईटीआई से आगे शिव मंदिर के समीप, निलियम कॉलोनी के पास व कोऑपरेटिव बैंक के पास से निकलने वाली सड़क पर पुलिस कैंटीन के पास, कोतवाली के पीछे डीआईजी आवास के पास के मोड़।
विज्ञापन
विज्ञापन



ये नाले भी हैं जानलेवा
रकसिया, कलसिया और देवखड़ी। ये तीन नाले शहर के सबसे बड़े नालों में शामिल हैं। इसके अलावा शनि बाजार क्षेत्र में भी एक नाला है, जो जानलेवा साबित होते रहता है। ये सभी नाले आबादी के मध्य से होकर गुजरते हैं, लेकिन इन नालों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं हैं। यही कारण है कि बरसात में उफान पर आने वाले ये नाले भी जानलेवा साबित हो जाते हैं।


सात सौ मीटर लंबी नहर में कहीं कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं
पनचक्की चौराहे से चंबल पुल तक मौजूद सात सौ मीटर लंबी नहर से लगी सड़क पर दिन-रात वाहन दौड़ते हैं। यह नहर भी खुली हुई है और यहां भी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। सिंचाई विभाग इस नहर को कवर करा रहा है। नहर किनारे कहीं दोनों ओर दीवारें बना दी गई हैं, कहीं दीवार निर्माण का काम चल रहा है। कुछ जगह सड़क की ओर नहर की पुरानी दीवारें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं सड़क में धंसाव हो रहा है। बृहस्पतिवार को जब अमर उजाला टीम ने इस नहर का स्थलीय निरीक्षण किया तो नहर किनारे सड़क पर कहीं रेता-बजरी के ढेर मिले तो कहीं पत्थरों के चट्टे।



जहां काम चल रहा, वहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं

पनचक्की चौराहे से चंबल पुल तक नहर कवरिंग का काम तो चल रहा है लेकिन यहां भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। इस खुली नहर के किनारे सड़क की ओर न तो क्रैश बैरियर है और न ही कहीं कोई तारबाड़। नहर से सटी सड़क भी कई जगह टूटी हुई है, इस कारण यहां भी कभी कोई हादसा हो सकता है।




चौफला चौराहे से कठघरिया चौराहे तक नहर कवरिंग होना है। इसकी लंबाई 2.675 किलोमीटर है। इसी में पनचक्की चौराहे से चंबल पुल तक की खुली नहर भी शामिल है, जिसकी लंबाई सात सौ मीटर है। इस पूरी नहर की कवरिंग के लिए 12.45 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जनवरी में नहर कवरिंग का काम शुरू करा दिया गया है। इसी साल सितंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है। -दिनेश रावत, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग हल्द्वानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed