फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Brother was murdered for grabbing money, now he will have to face life imprisonment

रुपये हड़पने को की थी भाई की हत्या, अब भुगतनी होगी उम्रकैद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2020 01:45 AM IST
विज्ञापन
Brother was murdered for grabbing money, now he will have to face life imprisonment
प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने हत्या के मामले में भाई को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने धारा 201 के तहत दोषी को दो साल का कारावास, दो हजार जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन

अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि 22 मार्च 2017 को बिठौरिया नंबर एक निवासी मनोज बमोला और यशपाल बिष्ट ने मुखानी थाना पुलिस को बताया कि उनके पड़ोसी अनिल कुमार पांडे का छोटा बेटा सूर्यकांत कई दिनों से गायब है, जबकि उसका भाई कृष्णकांत घर के पास ही गड्ढा खुदवा रहा था। इसमें से तीव्र दुर्गंध आ रही है। पुलिस नेकृष्णकांत से छोटे भाई सूर्यकांत के बारे में पूछताछ की। पुलिस ने कृष्णकांत से पुराने टैंक का ढक्कन खुलवाया तो उसमें सूर्यकांत का मिट्टी में सना हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस ने कृष्णकांत के खिलाफ भाई की हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

अभियोजन पक्ष से मामले में पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय में आरोपी पर हत्या का दोष साबित करने के लिए नौ गवाह पेश किए। मामले में साक्ष्यों और अभिलेखों के परीक्षण करने और गवाहों के बयान के बाद न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने कृष्णकांत को भाई की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व के बयान से मुकर गया था एक गवाह
सूर्यकांत हत्याकांड की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जिन नौ गवाहों को न्यायालय में पेश किया, उनमें से एक गवाह न्यायालय के समक्ष पूर्व में दिए बयान से पलट गया। शर्मा ने बताया कि एक गवाह यशपाल बिष्ट ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। शर्मा का कहना है कि इसके बाद भी वह न्यायालय में आरोपी पर हत्या का दोष साबित करने में सफल रहे हैं।

पैसों के लेनदेन को लेकर हुई थी हत्या
सूर्यकांत की हत्या उसके सगे भाई कृष्णकांत ने पैसों के लेनदेन के विवाद में की। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा ने बताया कि सूर्यकांत के पिता अनिल कुमार पांडे वर्ष 2015 में पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद पांडे ने कृष्णकांत के खाते में 16 लाख रुपये डाल दिए, जबकि सूर्यकांत के नाम 18 लाख की एफडी बनवाई। बताया कि इसी लेनदेन में दोनों भाइयों में विवाद हुआ और कृष्णकांत ने अपने पिता के रुपये हड़पने के लिए सूर्यकांत के गले में चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed