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...बनभूलपुरा की ओर सीमांकन बढ़ते ही थम गए प्रशासन के कदम
नवीन सक्सेना
Updated Fri, 18 Nov 2016 01:45 AM IST
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...बनभूलपुरा की ओर सीमांकन बढ़ते ही थम गए प्रशासन के कदम
- फोटो : अमर उजाला
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रेलवे का फीता बनभूलपुरा की लाइन नंबर 17 की ओर घूमते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के कदम ठहर गए। मामले को अति संवेदनशील बताकर पुलिस प्रशासन ने बनभूलपुरा में अतिक्रमण चिह्नित करने पर हाथ खड़े कर दिए।
रेलवे के अधिकारी माहौल अनुकूल मानते हुए बृहस्पतिवार को ही सीमांकन की प्रक्रिया निपटाने पर जोर देते रहे, लेकिन प्रशासन ने कई तर्क देकर आगे सीमांकन कराने से इनकार कर दिया।
रेलवे की भूमि पर काबिज अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया का विरोध होने को लेकर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की धड़कने बढ़ी हुई थीं।
कुछेक नेताओं ने ही अतिक्रमण चिह्नित करने पर सवाल उठाते हुए रेलवे एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से तरह-तरह के सवाल किए, मगर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ। गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और नंधौर वैली रोड रेलवे क्रॉसिंग से किदवई नगर तक अतिक्रमण पर लाल निशान लगने के बाद वहां भीड़ जमा होने लगी।
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रेलवे की टीम किदवई नगर तक अतिक्रमण चिह्नित करने के उपरांत रेलवे ट्रैक से बनभूलपुरा के लाइन नंबर 17 की ओर फीता डालने की तैयारी कर रही थी कि अपराह्न पौने दो बजे पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने रेलवे के अधिकारियों को बनभूलपुरा थाने में बुलवा लिया।
थाने में एसपी सिटी यशवंत सिंह ने रेलवे के सीनियर डीईएन (समन्वय) वीके गुप्ता, सीनियर डीईएन अरुण कुमार, आरपीएफ का कमांडेंट आरआर मीणा से अतिक्रमित एरिया की जानकारी ली, फिर मामले को अति संवेदनशील मानते हुए लाइन नंबर 17 में सीमांकन कराने से हाथ खड़े कर दिए।
एसपी सिटी बोले, वह तो यही समझ रहे थे कि गफूर बस्ती और ढोलक बस्ती के इलाके में ही सीमांकन होगा, लेकिन बनभूलपुरा लाइन नंबर 17 होते हुए गौजाजाली तक रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण चिह्नित होने का मामला अति संवेदनशील है।
इसे एकदम नहीं किया जा सकता। इसके लिए बनभूलपुरा क्षेत्र के स्थानीय नेताओं से बात कर सहमति बनाने पर विचार होना चाहिए। इस क्षेत्र में फीता डालने का मतलब बड़ा बवाल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वहीं, सीनियर डीईएन (समन्वय) वीके गुप्ता का प्रस्ताव था कि आज पहले चरण की प्रक्रिया में माहौल अनुकूल है, इसलिए आज अधिक से अधिक सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया जाए।
मगर इसके लिए न तो एसपी सिटी सहमत हुए और न ही एसडीएम एपी बाजपेयी। दोनों अधिकारियों ने बार-बार मामले को अति संवेदनशील बताते हुए कई तर्क दे डाले। इस तरह एक घंटे तक थाने में मंथन के बाद आगे की सीमांकन की प्रक्रिया रोक दी गई।
इसी बीच कांग्रेस नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी भी थाने में पहुंच गए तथा नंधौर वैली रोड पर सीमांकन पर कई सवाल खड़े कर दिए।
लाइन नंबर 17 में कई नेताओं के मकान भी निशाने पर
रेलवे ट्रैक से अतिक्रमित भूमि की नापजोख में करीब 134 मीटर की लंबाई में फीता डालने पर कई नेताओं के मकान में अतिक्रमण के दायरे में आ रहे हैं।
प्रशासन भी इसी बात से डरा हुआ नजर आ रहा था कि लाइन नंबर 17 में कांग्रेस नेता और दूसरे लोगों के मकानों पर लाल निशान लगने पर बड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि रेलवे टीम द्वारा इंदिरा नगर, नई बस्ती से होते हुए गौजाजाली तक सीमांकन किया जाना प्रस्तावित था।
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रेलवे के अधिकारी माहौल अनुकूल मानते हुए बृहस्पतिवार को ही सीमांकन की प्रक्रिया निपटाने पर जोर देते रहे, लेकिन प्रशासन ने कई तर्क देकर आगे सीमांकन कराने से इनकार कर दिया।
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रेलवे की भूमि पर काबिज अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया का विरोध होने को लेकर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों की धड़कने बढ़ी हुई थीं।
कुछेक नेताओं ने ही अतिक्रमण चिह्नित करने पर सवाल उठाते हुए रेलवे एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से तरह-तरह के सवाल किए, मगर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ। गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और नंधौर वैली रोड रेलवे क्रॉसिंग से किदवई नगर तक अतिक्रमण पर लाल निशान लगने के बाद वहां भीड़ जमा होने लगी।
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रेलवे की टीम किदवई नगर तक अतिक्रमण चिह्नित करने के उपरांत रेलवे ट्रैक से बनभूलपुरा के लाइन नंबर 17 की ओर फीता डालने की तैयारी कर रही थी कि अपराह्न पौने दो बजे पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने रेलवे के अधिकारियों को बनभूलपुरा थाने में बुलवा लिया।
थाने में एसपी सिटी यशवंत सिंह ने रेलवे के सीनियर डीईएन (समन्वय) वीके गुप्ता, सीनियर डीईएन अरुण कुमार, आरपीएफ का कमांडेंट आरआर मीणा से अतिक्रमित एरिया की जानकारी ली, फिर मामले को अति संवेदनशील मानते हुए लाइन नंबर 17 में सीमांकन कराने से हाथ खड़े कर दिए।
एसपी सिटी बोले, वह तो यही समझ रहे थे कि गफूर बस्ती और ढोलक बस्ती के इलाके में ही सीमांकन होगा, लेकिन बनभूलपुरा लाइन नंबर 17 होते हुए गौजाजाली तक रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण चिह्नित होने का मामला अति संवेदनशील है।
इसे एकदम नहीं किया जा सकता। इसके लिए बनभूलपुरा क्षेत्र के स्थानीय नेताओं से बात कर सहमति बनाने पर विचार होना चाहिए। इस क्षेत्र में फीता डालने का मतलब बड़ा बवाल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वहीं, सीनियर डीईएन (समन्वय) वीके गुप्ता का प्रस्ताव था कि आज पहले चरण की प्रक्रिया में माहौल अनुकूल है, इसलिए आज अधिक से अधिक सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया जाए।
मगर इसके लिए न तो एसपी सिटी सहमत हुए और न ही एसडीएम एपी बाजपेयी। दोनों अधिकारियों ने बार-बार मामले को अति संवेदनशील बताते हुए कई तर्क दे डाले। इस तरह एक घंटे तक थाने में मंथन के बाद आगे की सीमांकन की प्रक्रिया रोक दी गई।
इसी बीच कांग्रेस नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी भी थाने में पहुंच गए तथा नंधौर वैली रोड पर सीमांकन पर कई सवाल खड़े कर दिए।
लाइन नंबर 17 में कई नेताओं के मकान भी निशाने पर
रेलवे ट्रैक से अतिक्रमित भूमि की नापजोख में करीब 134 मीटर की लंबाई में फीता डालने पर कई नेताओं के मकान में अतिक्रमण के दायरे में आ रहे हैं।
प्रशासन भी इसी बात से डरा हुआ नजर आ रहा था कि लाइन नंबर 17 में कांग्रेस नेता और दूसरे लोगों के मकानों पर लाल निशान लगने पर बड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि रेलवे टीम द्वारा इंदिरा नगर, नई बस्ती से होते हुए गौजाजाली तक सीमांकन किया जाना प्रस्तावित था।