{"_id":"820f7c57f84b19e115e8554eb9c00892","slug":"blianala-and-had-sukhatal-survey-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलियानाला और सूखाताल का हुआ सर्वे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलियानाला और सूखाताल का हुआ सर्वे
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
Updated Wed, 20 May 2015 01:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल के अस्तित्व की सुरक्षा के लिए अहम बलियानाला क्षेत्र के संरक्षण और नैनी झील के मुख्य जलस्रोत सूखाताल के पुनर्जीवित होने की उम्मीद बन रही है। भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग देहरादून के भू-वैज्ञानिक भूपेंद्र सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बलियानाला और सूखाताल क्षेत्र का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
बीते वर्षों में 24.93 करोड़ रुपये से बलियानाला क्षेत्र में हुए कार्यों के चलते क्षेत्र का भूस्खलन रुका था, लेकिन 2013 के बाद यहां फिर भू-स्खलन होने लगा है। जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र के निरीक्षण के बाद मामला मुख्यमंत्री हरीश रावत तक पहुंच गया है। शासन के दिशा-निर्देशों के क्रम में सिंचाई विभाग की ओर से दिए गए प्रस्ताव के क्रम में करीब 41 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हो चुके हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग देहरादून के भू-वैज्ञानिक भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को सूखाताल का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
उन्होंने वहां मौजूद पुरानी झील के स्वरूप और भविष्य में झील के पुनर्जीवन के संबंध में सर्वेक्षण किया। इससे पूर्व टीम ने बलियानाले क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। भू-वैज्ञानिक का कहना है कि उन्होंने विभागीय प्रस्ताव के अनुरूप क्षेत्र में होने वाले कार्यों के मद्देनजर आवश्यक पड़ताल की है। इसकी रिपोर्ट शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। इस दौरान अधीक्षण अभियंता सिंचाई दान सिंह कुटियाल, ईई बृजेंद्र सिंह, एई डीएल पंत, जेई सुधीर कुमार आदि थे।
विज्ञापन